नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना पर बीजेपी ने बंगाल बंद बुलाया है। राज्य में बीजेपी कार्यकर्ता जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा है कि, “कोलकाता हाईकोर्ट ने हमें सात दिन के धरने की अनुमति दी है। हम इसे कल से शुरू करेंगे। हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। यहां कोई लोकतंत्र नहीं है। पुलिस गोलीबारी नहीं रोक सकती, लेकिन केवल बीजेपी के विरोध को रोक सकती है। पुलिस बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन आरोपियों को नहीं।’
तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर बंगाल में आराजकता फैलाने का आरोप लगाया
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर बंगाल में आराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “हमें आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेप और मर्डर मामले में इंसाफ चाहिए। ममता बनर्जी को भी इंसाफ चाहिए। अब केस CBI के हाथों में है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब CBI मामले की जांच कर रही है। बीजेपी यहां आराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है। कल उन्होंने पुलिस पर हमला किया और आज उन्होंने इस बंद का आयोजन किया है। बंगाल में सब सामान्य है। पश्चिम बंगाल के लोगों ने बंद को रिजेक्ट कर दिया है।”
दरअसल बीजेपी ने ‘नबन्ना अभियान’ में भाग लेने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में ‘बंगाल बंद’ का आह्वान किया है। 27 अगस्त को कोलकाता की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
बलात्कारियों के लिए मृत्युदंड सुनिश्चित करने के लिए 10 दिनों के भीतर एक विधेयक पारित करेंगे: ममता बनर्जी
इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “अगले हफ़्ते हम विधानसभा सत्र बुलाएंगे और बलात्कारियों के लिए मृत्युदंड सुनिश्चित करने के लिए 10 दिनों के भीतर एक विधेयक पारित करेंगे।
हम इस विधेयक को राज्यपाल के पास भेजेंगे। अगर वह इसे पारित नहीं करते हैं, तो हम राजभवन के बाहर धरना देंगे। यह विधेयक पारित होना ही चाहिए और वह इस बार जवाबदेही से बच नहीं सकते।”





