नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर शर्मिष्ठा पनोली इन दिनों चर्चा में है। सांप्रदायिक टिप्पणी करने के बाद कोलकाता पुसिल ने उसे अरेस्ट कर लिया था। आज मंगलवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी पर सुनवाई की। कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी व्यक्ति को ‘दूसरों को चोट पहुँचाने की इच्छा’ नहीं देती है।
हाल ही में शर्मिष्ठा पनोली को एक सांप्रदायिक वीडियो को लेकर गिरफ्तार किया गया है। इस वीडियो में शर्मिष्ठा ने कुछ बॉलीवुड सितारों की आलोचना की थी कि उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चुप्पी क्यों साध रखी है। हालांकि इस वीडियो को बाद में हटा दिया गया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 जून को होगी, जिसमें राज्य सरकार एक हलफनामा दायर करेगी और पुलिस केस डायरी को कोर्ट के सामने पेश करेगी।
पुलिस के पास गिरफ्तारी का अधिकार
शर्मिष्ठा की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनके वकील से कहा कि वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया और ऐसा सुनने में आया कि इससे एक खास वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। बेंच ने कहा कि हमें अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि हमारे देश में विभिन्न समुदाय, जाति और धर्म के लोग एक साथ रहते हैं। कोर्ट ने तय किया है कि शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ कोलकाता के गार्डनरीच थाने में दर्ज केस को मुख्य मामला माना जाएगा, क्योंकि यह पहले दर्ज किया गया था। उसके अलावा, अन्य सभी मामलों की कार्यवाही बंद की जाएगी।
राज्य दाखिल करेगा हलफनामा
कोर्ट ने कहा कि राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ उसी आरोप के साथ कोई और FIR दर्ज न हो। एजेंसी आरोपी के खिलाफ मुख्य मामले की जांच करेगी। कोर्ट ने राज्य को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। क्योंकि वे जवाब और संबंधित दस्तावेज दाखिल करना चाहते थे।
शर्मिष्ठा पर आरोप है कि वो अपने वीडियो में एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कि थी, जिससे धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। उनकी इस टिप्पणी पर समाज आहत हुआ है। फिर विवाद बढ़ता गया और इसी के चलते पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की और गिरफ्तारी हुई है।
आरोपी के समर्थन में बीजेपी
बता दें कि, फिलहाल आरोपी शर्मिष्ठा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जिस वीडियो के कारण विवाद हुआ था उसे बाद में हटा दिया गया। और अपनी टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। हालांकि, बाद में विवाद शुरू हो गया और बीजेपी खुलकर पनोली के साथ आ गई है। और राज्य की TMC सरकार पर लगातार हमलावर है।





