नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स.)। एक करोड़ रुपये अथवा उससे अधिक की राशि प्राप्त करने वाले सभी राष्ट्रीय खेल परिसंघों की भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा समीक्षा की जाती है। यह जानकारी केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में दी। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में लिखित जवाब में शुक्रवार को कहा कि सभी मान्यता प्राप्त खेलकूद संघों की वार्षिक आधार पर कैग द्वारा संपरीक्षा की जाती है। इसके लिए विशेष तौर पर उन संघों की ऑडिट पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जिन्हें एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की राशि प्राप्त होती है। रिजिजू ने कहा कि वार्षिक ऑडिट के अलावा, सरकार राष्ट्रीय खेल परिसंघों की विभिन्न तरीकों जैसे उनकी वेबसाइट पर अद्यतन संपरीभित लेखे को डालना, खेल संघों द्वारा समय पर चुनाव कराना, विवाद मुक्त शीर्ष स्थान प्राप्त करना, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का उचित आयोजन करने आदि के माध्यम से जांच करती है। जवाब देने के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि फिलहाल उनकी नजर में किसी प्रकार के संदेह का कोई मामला नहीं आया है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश




