नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । यूपी वासियों के लिए यह खबर ‘झटका’ देने वाली है। यहां पांच साल बाद बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं जिन्हें अप्रैल के बिल से ही फ्यूल सरचार्ज के तौर पर जोड़ा जाएगा। इससे बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल से ही बढ़ा हुआ बिजली का बिल थमाया जाएगा। राज्य में ऐसा पहली बार हुआ है जब सरचार्ज लागू होने से हर महीने बिजली के बिल घटते बढ़ते रहेंगे। यहां बिजली की दरों में 1.24 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।
विद्युत नियामक आयोग ने बिजली के बिल में गुपचुप तरीके से बढ़ोत्तरी की है। सभी बिजली उपभोक्ताओं पर 1.24% ईधन अधिभार शुल्क लगा है। यह बदलाव बहुवार्षिक टैरिफ वितरण विनियमन 2025 में किए गए संशोधन के कारण हुआ है। इस नए नियम के तहत अब वर्ष 2029 तक हर महीने उपभोक्ताओं से ईंधन अधिभार शुल्क वसूला जाएगा। इस नियम में बदलाव किया है और इसका असर आपको अप्रैल के महीने के बिल में साफ दिखाई देगा।
कितना बढ़ जाएगा बिजली बिल?
उदाहरण के तौर पर कहें तो यदि आपका बिजली का बिल आमतौर पर 1 हजार रुपये प्रति माह आता है तो इस नए शुल्क के चलते इस बिल में आपको 12.40 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। राज्य में ऐसा पहली बार होगा जब सरचार्ज लागू होने से हर महीने बिजली के बिल घटते बढ़ते रहेंगे। प्रदेश में बिजली की दरों में 1.24 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।
बता दें कि, यूपी विद्युत नियामक आयोग ने मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 में इसी साल जनवरी से बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों को हर महीने खुद ही फ्यूल सरचार्ज तय करने का हक दे दिया था। आयोग द्वारा यह अधिकार मिलने के बाद कंपनियों ने पहली बार सरचार्ज लगाया। यह नियम लागू होने के बाद हर महीने ईंधन अधिभार की दर तय की जाएगी। ऐसे में डीजल, पेट्रोल और कोयले की बढ़ती कीमतों के अनुसार ही नया शुल्क (FPPAS) तय किया जाएगा।





