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Tuesday, March 3, 2026
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पटना-दिल्ली रूट पर दौड़ेगी देश की पहली स्लीपर वंदे भारत, जल्द मिलने जा रही है सौगात

स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में 827 यात्रियों के लिए 16 कोच और फाइव-स्टार जैसी लग्ज़री सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। ट्रेन कवच एंटी-कोलिजन तकनीक, CCTV और हाई-टेक सुरक्षा सिस्टम से लैस होगी ।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पटना-दिल्ली रूट पर रेल यात्रियों का इंतजार खत्म होने वाला है। भारतीय रेलवे इसी रूट पर देश की पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने की तैयारी में है। दिसंबर का महीना बिहार और दिल्ली के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। यह हाई-टेक ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस के आरामदायक सफर, तेजस की गति और वंदे भारत की अत्याधुनिक इंजीनियरिंग को एक साथ मिलाएगी, जो पारंपरिक रातभर की यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी।

160 Kmph की रफ्तार पर ‘चाय नहीं छलकेगी’

इस हाई-टेक ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका झटके रहित सफर है। यह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी शानदार संतुलन बनाए रखेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेन की बॉडी, उन्नत सस्पेंशन (Suspension) और आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम इतना एडवांस है कि तेज गति पर भी यह स्थिरता बनाए रखती है। यह ट्रेन न सिर्फ तेजी से दौड़ेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेहद कम दूरी में रुकने और तुरंत रफ्तार पकड़ने में भी सक्षम होगी।

स्लीपर वंदे भारत का नया वेरिएंट यात्रियों को प्रीमियम ट्रेवल का अनुभव देगा। इस हाई-टेक ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और यह 827 यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करेगी। कोचों की श्रेणियों के अनुसार, AC3 टियर में 11 कोच और 611 सीटें होंगी, AC2 टियर में 4 कोच और 188 सीटें उपलब्ध होंगी, जबकि AC1 टियर में 1 कोच और 24 सीटें होंगी। कुल मिलाकर ट्रेन में 16 कोचों में 827 यात्रियों की सुविधा होगी।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस के आसपास रहने की संभावना है। साथ ही, जरूरत और मांग बढ़ने पर कोचों की संख्या बढ़ाने का विकल्प भी मौजूद है, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिल सके। यह ट्रेन न केवल संख्या में, बल्कि सुविधा और आराम के लिहाज से भी यात्रियों को फाइव-स्टार होटल जैसी अनुभूति देगी।

दिसंबर में ट्रायल, नए साल से पहले शुरुआत की तैयारी

 इस हाई-टेक ट्रेन का पहला रैक बेंगलुरु स्थित BEML कारखाने में पूरी तरह तैयार हो चुका है।इसे 12 दिसंबर को दिल्ली-पटना रूट पर भेजा जा रहा है। रैक पहुंचने के बाद ट्रायल रन शुरू होगा और रेलवे की योजना इसे नए साल से पहले ही यात्रियों के लिए शुरू करने की है। इस स्लीपर वंदे भारत को सप्ताह में 6 दिन चलाने की योजना है। जिससे यह रातभर की यात्रा को आरामदायक और तेज बनाएगी। शेड्यूल कुछ इस प्रकार रहेगा। 

पटना से प्रस्थान: शाम को रवाना होगी।

दिल्ली आगमन: अगले दिन सुबह पहुंचेगी।

दिल्ली से वापसी: शाम को वापसी करेगी।

पटना आगमन: अगले दिन सुबह पटना पहुंचेगी।

ट्रेन का इंटीरियर किसी फ्लाइट या होटल स्टैंडर्ड पर डिज़ाइन किया गया है। 

इसमें यूएसबी-इंटीग्रेटेड रीडिंग लैंप, रियल-टाइम पैसेंजर इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले, हाई-स्पीड फ्री वाई-फाई और हर सीट पर इंफोटेनमेंट स्क्रीन जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी मिलेगी। इसमें ताज़ा भोजन के लिए मॉड्यूलर पैंट्री की सुविधा भी होगा। वहीं शौचालय टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट होगा जिसमें एसी1कोच में गर्म पानी के शावर की सुविधा भी होगी। और दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए PRM-फ्रेंडली बर्थ और ऊपरी बर्थ पर जाने के लिए सुरक्षित एर्गोनोमिक सीढ़ियां लगाई गई हैं।

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्लीपर वंदे भारत में हाई-टेक सिस्टम लगाए गए हैं। ट्रेन KAVACH एंटी-कोलिजन टेक्नोलॉजी से लैस होगी, जो किसी भी संभावित टकराव से बचाव सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, इमरजेंसी के लिए टॉक-बैक यूनिट्स की सुविधा भी मौजूद होगी, जिससे यात्रियों और रेलवे स्टाफ के बीच तुरंत संपर्क संभव होगा। ट्रेन का डिज़ाइन पूरी तरह सील गैंगवे और ऑटोमैटिक प्लग डोर के साथ बनाया गया है, ताकि यात्रा के दौरान कोई बाधा न आए। हर कोच में CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो सफर को सुरक्षित, शांत और व्यवस्थित बनाए रखेंगे, जिससे यात्रियों को आधुनिक और भरोसेमंद सुरक्षा का अनुभव मिलेगा।

यह ट्रेन मौजूदा प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी, तेजस और हमसफर को कड़ी टक्कर देगी, क्योंकि यह बेहतर सुविधाओं और कम यात्रा समय का दावा कर रही है।यह ट्रेन हर सप्ताह छह दिन चलेगी, जिससे यात्रियों को नियमित रूप से इसकी सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

यह ट्रेन खास तौर पर रात्रि यात्रा के लिए डिजाइन की गई है, जिससे यात्री शाम को सवार होकर अगली सुबह अपने गंतव्य (पटना या दिल्ली) पर पहुंच सकें। यह यात्रियों के पूरे दिन को बचाएगी। चूंकि यह ट्रेन वर्तमान प्रीमियम ट्रेनों (जैसे राजधानी) से अधिक तेज होगी, इसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि यह 12 से 14 घंटे की मौजूदा यात्रा अवधि को कम करेगी, जिससे यात्रियों को गंतव्य पर जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि, ट्रेन का पहला रैक 12 दिसंबर को कारखाने से भेजा जा रहा है। ट्रायल रन पूरा होने के बाद ही रेलवे प्रस्थान और आगमन के सटीक समय के साथ आधिकारिक समय-सारणी जारी करेगा।

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