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बाबा साहब और भगत सिंह के रास्ते अलग-अलग, मंजिल एक थी : केजरीवाल

दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी अगर पंजाब में सरकार बना सकी तो सरकारी दफ्तर में बाबा साहब अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तश्वीर लगाई जाएगी। पंजाब दौरे पर गए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में यह घोषणा की। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, बाबा साहब और भगत सिंह के रास्ते अलग-अलग थे, लेकिन दोनों की मंजिल एक थी। दोनों चाहते थे कि देश आजाद होने के बाद सबको अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मिले और देश में खूब तरक्की हो। जाति-धर्म के आधार पर भेदभाव न हो और सबको बराबरी का हक मिले। दोनों ही यह चाहते थे कि कोई अपनी जिंदगी में सफल होता है, तो यह इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि वह किस जाति में पैदा हुआ है। केजरीवाल ने रविवार को कहा कि हमारे देश को आजाद हुए 75 साल हो गए। हमें आजादी बड़ी मुश्किल से मिली थी। बहुत लोगों ने अपनी जान की कुर्बान की थी। बहुत लोगों ने लंबा संघर्ष किया था, उसके बाद आजादी मिली थी। लेकिन धीरे-धीरे हम उन लोगों की कुर्बानियों, उनके संघर्षों और विचारों को भूलते जा रहे हैं। पूरे के पूरे सिस्टम के उपर गंदी राजनीति हावी होती जा रही है। केजरीवाल ने कहा कि आजादी दिलाने के लिए बहुत लोगों ने कुर्बानियां दी और किसी भी कुबार्नी और किसी भी संघर्ष को कम नहीं आंक सकते। लेकिन फिर भी जितने लोगों ने कुर्बानियां दी और संघर्ष किया, उनको सबको अगर देखें, तो दो सख्सियत ऐसी नजर आती हैं, जो एक तरह से पूरे आजादी के आंदोलन का प्रतिनिधित्व करती हैं और वो हैं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और शहीद-ए- आजम भगत सिंह। ये दो सख्सियत ऐसी थीं, जो एक तरह से जितने भी आबादी के सेनानी हुए, उन सबका प्रतिनिधित्व करते हैं। केजरीवाल ने कहा कि आईनस्टाइन ने महात्मा गांधी के लिए कहा था, आने वाली पीढ़ियां यह यकीन नहीं करेंगी कि हाड़-मांस का ऐसा सख्स पृथ्वी के उपर कभी पैदा हुआ था। यह बात मैं बाबा साहब अंबेडकर के लिए कहना चाहता हूं कि बाबा साहब का जो संघर्ष था, जो उन्होंने जिंदगी में हासिल किया है। उस पर मेरा अपना मानना है कि आज हम लोग उनके विचार और संघर्ष के बारे में जितना पढ़ते हैं, यह यकीन नहीं होता है कि ऐसा व्यक्ति जमीन पर आया था। केजरीवाल ने कहा कि मैं सोचता हूं कैसे बाबा साहेब ने एक छोटे से गांव से निकल कर अमेरिका और लंदन से दो पीएचडी की डिग्री हासिल की। मैं सोच रहा था कि 1914-15 में इंटरनेट नहीं था, कोई जानकारी नहीं थी, उनको पता कैसे चला होगा कि अमेरिका में कोई कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी है, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स है। वहां फार्म कैसे भरते हैं, फार्म कैसे मिलते हैं। उन्होंने स्कॉलरशिप का इंतजाम किया और वहां गए, दो पीएचडी की। पंजाब में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरा एवं सांसद भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत ही ऐतिहासिक फैसला है। आमतौर पर हम सब देखते हैं कि सरकारी दफ्तरों में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की फोटो लगती है। हम सरकारी दफ्तरों में उन लोगों की तश्वीरें लगाना चाहता हैं, जिन्होंने देश को आजाद कराया। आजादी के बाद पिछले 70 सालों में देश को जितना लुटा गया, अंग्रेज भी शायद शमिंर्दा हो रहे होंगे कि उन्होंने ने तो 200 साल में भी इतना नहीं लूटा। –आईएएनएस जीसीबी/आरजेएस

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