नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर की रेप के बाद निर्मम हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। वहीं इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की मांग को मोदी सरकार ने मान लिया है। भारत सरकार ने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के लिए कहा है कि वे जल्द ही सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर एक समिति बनाएगी। दरअसल भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की मांग को स्वीकार करते हुए, सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर एक समिति बनाने का वादा किया है और सभी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है।
सभी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समिति बनाने का वादा किया
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से अपनी अपनी ड्यूटी में जाने की अपील की है। बता दें कि कोलकाता रेप एंड मर्डर केस के विरोध में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और राजधानी दिल्ली के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के सामने अपनी मांगे रखी थी, जिसको भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मान लिया है और सभी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समिति बनाने और उसकी सिफारिश पर सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को बनाने का वादा किया है।
आप सभी के सुझाव को साझा करने के लिए बुलाया जाएगा
भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है और एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को वापस अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए कहा जाए, जिससे स्वाथ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल पाएं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर सभी एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से यह अपील की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से वादा किया है कि सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर जो समिति बनाई जाएगी, उसमे आप सभी के सुझाव को साझा करने के लिए बुलाया जाएगा।





