गुवाहाटी, 10 मई (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के पश्चात सोमवार को पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-स्वतंत्र (उल्फा-स्व) के कमांडर-इन-चीफ से शांति वार्ता के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मैं उल्फा (स्व) नेता परेश बरूवा से अपील करता हूं कि वे सशस्त्र संघर्ष का रास्ता छोड़ दें और असम में स्थायी शांति बहाल करने में अपना हाथ मिलाएं। हमें संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना होगा। शर्मा ने कहा कि हत्या और अपहरण से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बातचीत दोनों ओर की प्रक्रिया है। बातचीत शुरू करने के लिए दोनों पक्षों की इच्छा की जरूरत है। उन्होंने कहा, "उल्फा (स्व) के साथ बातचीत की प्रक्रिया दोनों तरफ से होनी है। परेश बरूवा को आगे आना होगा। इसी तरह हमें भी आगे जाना होगा। शर्मा ने कहा, अगर दोनों पक्षों में इच्छा शक्ति होगी तो संचार मुश्किल नहीं होगा। डॉ. शर्मा ने दावा किया कि पिछले पांच साल में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत राज्य की जनता ने असम में शांति और विकास की प्रक्रिया देखी है। उन्होंने कहा, "पिछले पांच साल से लोगों ने असम में शांति और विकास की प्रक्रिया देखी। बोडो क्षेत्र और कार्बी आंग्लांग क्षेत्र में शांति लौट आई। उन्होंने कहा कि अब हमारी कोशिश राज्य में स्थायी शांति की स्थापना के लिए शेष विद्रोही गुटों को वार्ता की मेज पर लाने की होगी। हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद





