back to top
33.1 C
New Delhi
Thursday, April 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

आंध्र प्रदेश कृष्णापट्टनम में बनी कोरोना की दवा को लेकर आयुष विभाग आज सौंपेगा अपनी रिपोर्ट, टीटीडीटी भी बांटेगा औषधि

नेल्लौर, 24 मई (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के नेल्लौर जिले के कृष्णापट्टनम में कोरोना की कथित आयुर्वेदिक औषधि के वैज्ञानिक परीक्षण करने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अभी तक कोई पहल नहीं की है। राज्य का आयुष विभाग इस कथित औषधि को लेकर आज शाम तक अपनी रिपोर्ट दे सकता है। राज्य सरकार ने परंपरागत दवाओं के प्रयोग करने में कोई आपत्ति नहीं जताई है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट (टीटीडीटी) ने इस औषधि को लोगों को पहुंचाने की व्यवस्था कर ली है, बस उसे राज्य सरकार से वितरण की अनुमति का इंतजार है। दरअसल, कृष्णापट्टनम के एक आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनंदय्या ने कोरोना की दवा विकसित करने का दावा किया है। इस दवा को लेने के लिए लोगों की भारी उमड़ने और कोरोना गाइडलाइन का पालन न होने पर राज्य सरकार ने इस कथित दवा के वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही सरकार ने इस दवा का आईसीएमआर से वैज्ञानिक परीक्षण कराने के आदेश दिए हैं। लेकिन जिला प्रशासन ने बताया कि आईसीएमआर का दल अभी तक नेल्लौर नहीं पहुंचा है। इसी बीच कोरोना की दवा को लेकर राज्य का आयुष विभाग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया है कि राज्य के आयुष विभाग के विशेषज्ञों का दल इस दवा को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंप देगा, तभी राज्य सरकार इस बारे में अंतिम फैसला करेगी इसी बीच राज्य सरकार के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अनिल कुमार सिंघल ने कहा कि परंपरागत पद्धति, जो पिछले कई सालों से चल रही है, उसे बरकरार रखने में कोई आपत्ति नजर नहीं आ रही है। वह पिछले कई सालों से इस परंपरागत पद्धति का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे आयुर्वेदिक दवा घोषित किये बिना भी जारी रखने में कोई आपत्ति नहीं है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि डॉ. अनंदय्या की कथित कृष्णपटनम दवा का अब तक कोई नकारात्मक प्रभाव देखने को नहीं मिला और इसे तैयार करने में इस्तेमाल हो रही सभी सामग्री सुरक्षित प्रमाणित हो चुकी हैं। सिंघल ने कहा कि उनके विभाग के अधिकारी उन मरीजों के संपर्क में है, जिन्होंने इस औषधि का इस्तेमाल किया है। बताया गया है कि तिरुपति के आयुर्वेदिक कॉलेज का एक दल भी इस दवा को बनाने के काम में जुटा है। इस बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के सदस्य भास्कर रेड्डी ने बताया कि आयुर्वेदिक विशेषज्ञों ने इस औषधि का अध्ययन कर लिया है और इसकी तैयारी में वे दो दिन से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद इस औषधि का वितरण शुरू कर देंगे। इसमें उपयोग की जाने वाले जड़ी बूटी पर्याप्त मात्रा में तिरुपति के वन क्षेत्र में उपलब्ध हैं। स्थानीय विधायक गोवर्धन रेड्डी का कहना है कि इस दवा के वितरण की सरकार से अनुमति मिलने के बाद दवा के वितरण की व्यवस्था कोरोना नियमावली का पालन करते हुए की जायेगी। दवा का वितरण खुले मैदान में होगा और कुछ दिन बाद ऑनलाइन भी औषधि को भेजने की व्यवस्था की जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार /नागराज

Advertisementspot_img

Also Read:

Covid New Variant: सावधान! फिर पैर पसार रहा है कोरोना, नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दुनिया में एक बार फिर कोविड का नया वेरिएंट (Covid New Variant) BA.3.2, जिसे “Cicada” कहा जा रहा है, चर्चा में...
spot_img

Latest Stories

ऐरा का मतलब – Aira Name Meaning

Aira Name Meaning – ऐरा नाम का मतलब :...

फिल्म Bhooth Bangla एक्ट्रेस Wamiqa Gabbi के बोल्ड फोटोशूट ने हिलाया इंटरनेट, फिदा हुए फैंस

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड एक्ट्रेस वामिका गब्बी (Wamiqa...

Avadh Ojha ने की नीतीश कुमार को PM बनाने की वकालत, BJP को दे डाली नसीहत

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में एक बार...

हर रोज बढ़ रहा गर्मी का सितम, ऐसे रखें अपने साथ-साथ परिवार का ख्याल

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिन पर दिन गर्मी बढ़ती...

Sanjay Nishad के बयान से यूपी सियासत गरम, पश्चिमी यूपी को लेकर BJP की बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी...

45 की उम्र में भी Shweta Tiwari ढा रही है कहर, रेड साड़ी में देखें एक्ट्रेस का ये अंदाज

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। श्वेता तिवारी अपनी फिटनेस से...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵