back to top
20.1 C
New Delhi
Thursday, March 19, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

ट्रांसमिशन टावरों, लाइनों के हवाई सर्वेक्षण के लिए तेलंगाना ने किया ड्रोन का इस्तेमाल

हैदराबाद, 16 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना ने ड्रोन का उपयोग करके ईएचटी ट्रांसमिशन टावरों और लाइनों के हवाई सर्वेक्षण का सफलतापूर्वक समापन किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि परियोजना का उद्देश्य मैन्युअल टावर निरीक्षण करना और ड्रोन का लाभ उठाना था। तेलंगाना के आईटीई और सी विभाग के इमजिर्ंग टेक्नोलॉजीज विंग ने ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ तेलंगाना लिमिटेड (टीएस-ट्रांसको) के साथ साझेदारी में परियोजना की शुरूआत की, जिसमें सेंटीलियन नेटवर्क्स नामक हैदराबाद स्थित स्टार्टअप ने ईएचटी के निरीक्षण, निगरानी और गश्त के लिए ट्रांसमिशन टावर, लाइन और सबस्टेशन उच्च गुणवत्ता वाले 4के रेजोल्यूशन कैमरा और एआई-आधारित इमेज रिकग्निशन सिस्टम के साथ ड्रोन तकनीक में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। 220 केवी चंद्रयागुट्टा – घानापुर लाइन, 220 केवी शिवरामपल्ली – गचीबोवली लाइन, 132 केवी मिनपुर-जोगीपेट लाइन, 220 केवी बुदिदमपाडु – वड्डेकोथापल्ली लाइन, और अन्य 10 टावरों के लिए ईएचटी ट्रांसमिशन लाइन टावरों के निरीक्षण के लिए पायलट तैयार किए गए थे। सेंटीलियन नेटवर्क ने उच्च रिजॉल्यूशन वाले कैमरों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया था और प्रत्येक टावर का निरीक्षण 20 मिनट के भीतर पूरा किया गया था। स्थानों का सर्वेक्षण ड्रोन का उपयोग करके किया गया था और बाद में टीएस-ट्रांसको और आईटीई एंड सी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में सेंटिलियन नेटवर्क द्वारा टावर निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ड्रोन से उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजरी और एआई आधारित फीचर पहचान का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। प्रत्येक टावर के लिए निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई थी और इसमें सटीक मुद्दों के विनिर्देश के साथ फोटो और वीडियो शामिल थे, जिससे कार्रवाई योग्य हस्तक्षेप का सुझाव दिया गया था। यह अनुमान लगाया गया है कि ड्रोन का उपयोग करके स्वचालित निरीक्षण मानव-घंटे और लागत को लगभग 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं, साथ ही उच्च-तनाव लाइनों के मैन्युअल निरीक्षण से उत्पन्न होने वाले संभावित जीवन जोखिम को कम कर सकते हैं। सेंटिलियन नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड और एचसी रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक वेंकट चुंडी ने कहा कि ड्रोन द्वारा टॉवर निरीक्षण पूर्ण और सटीक डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए उपयोगी है। इसके अलावा, समय-समय पर निरीक्षण होने पर रखरखाव लागत में कमी आती है। –आईएएनएस एमएसबी/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

कौन हैं भगवान शिव? जानिए नाम, स्वरूप और शक्तियों से जुड़ी सारी जानकारी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। भगवान शिव, जिन्हें महादेव, भोलेनाथ...

Special Recipe: नवरात्रि के नौ दिनों तक बनाए खास पकवान, व्रत में खा सकती हैं आसानी से

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) शुरू...

West Bengal Assembly Election 2026: कैसा रहा है Bahrampur Assembly Seat पर सियासी संग्राम, जानिए किसका रहा दबदबा

नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026...

Divyanka Tripathi ने कई महीने तक छुपाई प्रेग्नेंसी, अब बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका...

जारी होने वाला है GATE 2026 का रिजल्ट, दाखिला लेने के लिए जान लें देश के Top 20 Engineering Colleges

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश के लाखों इंजीनियरिंग के छात्रों...

…तो एक बार फिर RCB के नाम होने जा रहा है IPL 2026 का खिताब? दिग्गज खिलाड़ी ने कर दी भविष्यवाणी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टी20 विश्व कप में विश्वविजेता बनने...