नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को नीतीश सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नीट छात्रा के दुष्कर्म और हत्या के मामले का उद्भेदन करने के बजाय, बिहार सरकार ने केस को सीबीआई को सौंप कर साबित कर दिया कि राज्य का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य और अनप्रोफेशनल है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि यह पुलिस की विफलता नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के भ्रष्ट और समझौता किए हुए तंत्र की असफलता है, जहाँ मंत्री-मुख्यमंत्री दिन-रात अपराधियों को पकड़ने की डींगे हांकते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बहुत अलग है।
तेजस्वी यादव का सवाल: CBI जांच पर उठाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, “नवरुणा कांड जैसे कई मामलों में सीबीआई 12-13 वर्षों से आरोपियों को नहीं पकड़ पाई और जांच भी बंद कर दी। यही हाल इस मामले में होने वाला है। उन्होंने नीतीश सरकार पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावों में जंगलराज-जंगलराज चिल्लाने वाले अब कहां हैं? बिहार की ध्वस्त और भ्रष्ट विधि व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा? तेजस्वी ने चेतावनी दी कि कहीं सरकार फिर हेडलाइन मैनेजमेंट के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिश तो नहीं करेगी।
चरित्र हनन तक की कोशिश- मनोज झा का आरोप
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने नीट छात्रा की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की मांग पर टिप्पणी करते हुए कहा, “बिहार में आज की स्थिति ठीक नहीं है। इस घटना में चरित्र हनन तक की कोशिश की गई, और अब आप छलावरण कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी सिस्टम की गंभीर विफलताओं को उजागर किया और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच ही पीड़ित परिवार और न्याय की उम्मीद को जीवित रख सकती है।
सरकार की नीयत साफ- विजय कुमार सिन्हा का बयान
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने नीट छात्रा के मामले में कहा, “सरकार की नीयत साफ है। हमने ईमानदारी से जांच करने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं था, इसलिए मामले की सीबीआई से जांच कराने का फैसला लिया गया। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पूरी तरह से न्याय मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
पप्पू यादव ने उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की
आरजेडी के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि नीट छात्रा के मामले में देर से उठाया गया कदम सही है, लेकिन अब इसे तुरंत उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच में बदलना चाहिए। अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इस मामले में कई बड़े-बड़े को बचाने के लिए घृणित स्तर तक खेल चला है, इसमें सबको बेनकाब करना जरूरी है! मनीष के पीछे कौन है DGP साहब?” यादव की ये टिप्पणी प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाती है और मामले की पूर्ण पारदर्शिता की मांग को दोहराती है।





