चेन्नई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के उन विधायकों के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जो अन्य पार्टियों के चुनाव चिह्न् पर चुनाव लड़कर चुने गए। याचिकाकर्ता, अधिवक्ता लोगानाथन ने मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की कि इन विधायकों को उस पार्टी का हिस्सा माना जाए, जिसके चुनाव चिह्न् पर उन्होंने चुनाव लड़ा था। मंगलवार को दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि विभिन्न दलों के आठ विधायक हैं जिन्होंने द्रमुक के उगते सूरज के चुनाव चिह्न् पर चुनाव लड़ा था, जबकि वे अलग-अलग दलों से थे। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि इन विधायकों को अलग बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ समय स्लॉट की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और उन्हें डीएमके का हिस्सा माना जाना चाहिए, जिस चिन्ह के तहत वे विधानसभा के लिए चुने गए थे। याचिका में अधिवक्ता लोगानाथन, जो कोयंबटूर में एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं, उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि वह तमिलनाडु सरकार को निर्देश दें कि वह इन विधायकों और उनके मूल दलों के नेताओं को उन पार्टियों के प्रतिनिधियों के रूप में सरकार द्वारा आयोजित किसी भी राज्य और अन्य बैठकों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे के लिए बैठक में चर्चा के लिए आमंत्रित ना करें। याचिकाकर्ता ने कहा कि विधायक ई.आर. ईश्वरन, एम.एच. जवाहिरुल्लाह, के. चिन्नप्पा, टी. वेलमुरुगन, टी. साधन तिरुमलाई कुमार, पी. अब्दुल समद, एम. बूमिनाथन, ए.आर.आर. रघुरामन द्रमुक का हिस्सा नहीं हैं और फिर भी उन्होंने उस पार्टी के साथ गठबंधन के बाद पार्टी के उगते सूरज के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि पुराना भारतम के एम. जगन मूर्ति ने अन्नाद्रमुक के दो पत्तियां चुनाव चिह्न् पर चुनाव लड़ा था। अधिवक्ता लोगानाथन ने आईएएनएस को बताया, मैं पहले ही एक जनहित याचिका दायर कर चुका हूं और इस पर अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा हूं। –आईएएनएस एचके/एसजीके




