नई दिल्ली/रफ्तार न्यूज, सुप्रीम कोर्ट ने आज आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल से मारपीट के मामले में सुनवाई की। इस केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने स्वाति मालिवाल के साथ गलत व्यवहार किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने बिभव कुमार को जमानत देने से इनकार कर दिया था और इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल की शारीरिक स्थिति के बारे में जानकारी होने के बावजूद उनके साथ मारपीट की। कोर्ट ने ये भी कहा कि एक महिला से गलत बर्ताव करने पर शर्म आनी चाहिए। बिभव कुमार के वकील, अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि एफआईआर तीन दिन बाद दर्ज कराई गई थी। स्वाति मालीवाल पहले थाने गईं, लेकिन उस वक्त एफआईआर दर्ज नहीं कराई। कोर्ट ने चार्जशीट के बारे में पूछा, तो सिंघवी ने बताया कि जिस आदेश को हमने चुनौती दी है, उसके बाद ही चार्जशीट दाखिल की गई। इस केस की अगली सुनवाई 7 तारीख को होगी।
भाजपा की महिला मोर्चा अघ्यक्ष ने स्वाति मालिवाल को पत्र लिखा
भाजपा की महिला मोर्चा अघ्यक्ष रिचा पांडे मिश्रा ने गुरुवार को स्वाति मालिवाल को पत्र लिखा है, पत्र में रिचा ने लिखा की मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि पुलिस को अपने साथ हुई घटना का पूरा ब्योरा दें ताकि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्यवाई हो सके, आगे ऐसे मामले न हो यह सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का पूरा होना बेहद जरूरी है। निर्मला सीतारमण ने भी स्वाति मालिवाल के घटना में अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े शर्म की बात है कि एक महिला के साथ दुर्व्यवहार दुर्व्यवहार हुआ है, लेकिन सीएम के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला और यै शर्मनाक है। एक ऐसी महिला, जो सांसद होने के साथ ही महिला आयोग की अध्यक्ष रही है। आज उन्हें ऐसा धमकाया गया है कि वे आगे आने से भी डर रहीं हैं।
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