back to top
21.1 C
New Delhi
Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, काटने से मौत या चोट पर राज्य सरकार देगी मुआवजा

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों के काटने से मौत या गंभीर चोट के मामलों में राज्य सरकार जिम्मेदार होगी और मुआवजा देना होगा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ चेतावनी दी कि अगर किसी आवारा कुत्ते के काटने से किसी व्यक्ति की मौत होती है या बच्चे व बुजुर्ग घायल होते हैं, तो हर ऐसे मामले में संबंधित राज्य सरकार को मुआवजा देना होगा। अदालत का कहना था कि यह जिम्मेदारी राज्य की है, क्योंकि उन्होंने इस समस्या को रोकने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए।

इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने कुत्तों को सड़क पर खाना खिलाने वालों पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को कुत्तों का हितैषी बताते हैं, उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जस्टिस नाथ ने सवाल किया, अगर आपको कुत्तों से इतना लगाव है, तो उन्हें अपने घर ले जाइए। कुत्ते सड़कों पर क्यों घूम रहे हैं, लोगों को काट रहे हैं और डर फैला रहे हैं? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ भावनाओं के आधार पर इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

”आवारा कुत्तों का मुद्दा भावनात्मक है”

यह टिप्पणी एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी की दलील के जवाब में आई, जिन्होंने कहा था कि आवारा कुत्तों का मुद्दा भावनात्मक है। इस पर बेंच ने टिप्पणी की कि अब तक भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखाई दे रही हैं। हालांकि मेनका गुरुस्वामी ने जवाब देते हुए कहा कि वह इंसानों के लिए भी उतनी ही चिंतित हैं।

”एक कुत्ते ने उन्हें बिना किसी उकसावे के काट लिया था”

इस दौरान कुत्ते के काटने की शिकार एक महिला ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपना दर्द साझा किया। महिला ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि अगर एनिमल बर्थ कंट्रोल यानी ABC कार्यक्रम को सही तरीके से लागू किया जाए, तो कुत्तों की संख्या और उनकी आक्रामकता दोनों को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि एक कुत्ते ने उन्हें बिना किसी उकसावे के काट लिया था। महिला ने कहा कि वह यह समझना चाहती हैं कि उस कुत्ते ने उन पर हमला क्यों किया।

पशु जन्म नियंत्रण

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका इरादा सड़कों से हर कुत्ते को हटाने का नहीं है। अदालत ने पहले ही कहा था कि उसके निर्देश पशु जन्म नियंत्रण नियमों के तहत आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़े हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि कुत्ते उन लोगों को पहचान सकते हैं जो उनसे डरते हैं या जिन्हें पहले काटा जा चुका है, और ऐसे लोगों पर हमला कर देते हैं।

संतुलित व व्यावहारिक समाधान निकालना जरूरी है।

कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी साफ संकेत देती है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा सिर्फ जानवरों का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि अब लापरवाही की कीमत राज्य सरकारों को मुआवजे के रूप में चुकानी पड़ सकती है और इस समस्या का संतुलित व व्यावहारिक समाधान निकालना जरूरी है।

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...

Vastu Tips: घर में शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु उपाय, बनने लगेंगे सारे काम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि अथवा...

Holi Special: गुझिया तलते वक्त क्यों फटती है? जानें आसान समाधान, इस खास रेसिपी को अपनाएं

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। होली के त्योहार पर गुझिया सबसे...

CIBIL में फंसा लोन स्टेटस, अपनाएं ये स्मार्ट स्टेप्स और बचाएं अपना क्रेडिट स्कोर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आपने अपना लोन पूरी तरह...