नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता रेप और मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जूनियर डॉक्टरों को आदेश दिए हैं कि वो मंगलवार शाम 5 बजे तक अपने काम पर वापस लौट आएं। साथ ही कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर डॉक्टर इनकी बात नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ कोर्ट की ओर से डिसिप्लनरी एक्शन लिया जाएगा। यह घटना कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज की है।
जजों की बेंच में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी वाई चंद्रचूड़, जेबी पादरीवाला और मनोज मिश्री ने ऑर्डर जारी किया है। जूनियर डॉक्टरों और पश्चिम बंगाल सरकार की शिकायतों पर विचार करने के बाद ये आदेश जारी किया गया है।
काम पर नहीं लौटेंगे तो लिया जाएगा एक्शन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर डॉक्टर कल शाम 5 बजे तक काम पर लौट आते हैं तो उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा लेकिन अगर नहीं लौटते हैं तो कोर्ट राज्य सरकार को अनुशासनात्मक कदम उठाने से नहीं रोक सकती। यदि वे काम पर लौटते हैं, तो कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि मामला हमारे संज्ञान में है।
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार को अपनी सुरक्षा के संबंध में डॉक्टरों का विश्वास फिर से जीतने के लिए उपाय लागू करने चाहिए। कोर्ट ने पुलिस को डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक परिस्थितियों का निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिसमें अलग ड्यूटी रूम, शौचालय सुविधाएं और सीसीटीवी कैमरे की स्थापना शामिल है।
इसमें पुरुष और महिला डॉक्टरों के लिए टॉयलेट स्थापित करना और सीसीटीवी लगाना शामिल है। राज्य पुलिस का एफिडेविट पुष्ट करता है कि अतिरिक्त सीसीटीवी के लिए धन आवंटित किया गया है, और इसकी निगरानी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार की जाएगी।
डॉक्टर अपने कर्तव्य का पालन करें
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों से अपने कर्तव्यों पर लौटने का आग्रह करते हुए कहा, “डॉक्टर यहां सेवा प्रदान करने के लिए हैं। काम पर दोबारा लौटने वालों के खिलाफ स्थानांतरण सहित कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।




