नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि सभी 33 जज अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। यह निर्णय चीफ Justice Sanjiv Khanna की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। इस कदम का उद्देश्य न्यायपालिका में पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखना है।
कब और कैसे होगी संपत्ति की घोषणा?
सुप्रीम कोर्ट के उच्च अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति की घोषणा कब और कैसे की जाएगी, इस पर अंतिम निर्णय लिया जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि सभी जज अपनी संपत्ति की जानकारी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा करेंगे। इससे आम जनता और अन्य न्यायिक अधिकारियों को इस बारे में जानकारी प्राप्त होगी।
पहले भी उठ चुकी थी यह मांग
यह निर्णय कोई नया नहीं है। 1997 में पहली बार इस विषय पर चर्चा हुई थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। 2009 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जजों ने अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक की थी, लेकिन यह स्वैच्छिक था और सभी जजों ने इसे नहीं अपनाया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया है।
न्यायपालिका में पारदर्शिता और विश्वास की मजबूती
इस फैसले से न्यायपालिका की निष्पक्षता और ईमानदारी को बल मिलेगा। जब जज अपनी संपत्ति सार्वजनिक करेंगे, तो इससे जनता का विश्वास मजबूत होगा और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी। 1 अप्रैल की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यह नियम भविष्य में आने वाले सभी सुप्रीम कोर्ट के जजों पर भी लागू होगा। इससे न्यायपालिका में पारदर्शिता की एक नई परंपरा स्थापित होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि उच्च न्यायालयों के जज भी अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। इससे न्यायपालिका में और अधिक पारदर्शिता आएगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक ऐतिहासिक कदम है जो न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा। इससे जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा और न्यायिक प्रणाली को और अधिक निष्पक्ष एवं ईमानदार बनाने में मदद मिलेगी।




