नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ के सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर स्थित उपमपल्ली केरलापाल इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए, जबकि दो जवान घायल हुए हैं।
कैसे हुई मुठभेड़?
गुप्त सूचना के आधार पर हुआ ऑपरेशन सुरक्षाबलों को नक्सलियों की मौजूदगी की पक्की सूचना मिली थी। 28 मार्च को जिला रिजर्व गार्ड DRG और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त अभियान शुरू किया। 29 मार्च की सुबह से नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है।
मुठभेड़ में जवानों को भी नुकसान
2 जवानों को मामूली चोटें आई हैं, उनकी हालत खतरे से बाहर है। मुठभेड़ स्थल पर अभी भी तलाशी अभियान जारी है। भारी मात्रा में हथियार बरामद मारे गए नक्सलियों के पास से घातक हथियारों का जखीरा मिला है, जिसमें शामिल हैं AK-47, एसएलआर, इनसास राइफल 303 राइफलें, रॉकेट लॉन्चर बीजीएल लॉन्चर और अन्य विस्फोटक सामग्री सुकमा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है। इससे पहले नारायणपुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED विस्फोट में एक जवान घायल हुआ था। बीते वर्षों में सुरक्षा बलों ने कई नक्सली हमलों का जवाब दिया और उनकी गतिविधियों को कमजोर किया।
अभियान जारी, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी तेज कर दी है। मुठभेड़ स्थल और आसपास के जंगलों में गहन तलाशी अभियान चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, नक्सलियों की पहचान की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान से सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है, जिससे इलाके में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी। फिलहाल मुठभेड़ में घायल जवान को जिला मुख्यालय लाया जा रहा है. जहां से उन्हें हेलीकॉप्टर से बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा जाएगा।





