नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को एक बार फिर सुखबीर सिंह बादल को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया है। अमृतसर के श्री दरबार साहिब परिसर स्थित तेजा सिंह समुंदरी हॉल में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस चुनाव में पंजाब के 117 विधानसभा क्षेत्रों से आए कुल 567 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
तनखैया के चलते दिया था इस्तीफा
सुखबीर सिंह बादल ने 16 नवंबर 2024 को पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। यह फैसला उस समय लिया गया जब अकाल तख्त साहिब ने उन्हें ‘तनखैया’ यानी धार्मिक दंड का दोषी ठहराया था। उनके इस्तीफे को पार्टी की कार्यसमिति ने 11 जनवरी 2025 को स्वीकार कर लिया था। 2 दिसंबर 2024 को अकाल तख्त ने 2007 से 2017 तक की अकाली-भाजपा सरकार के दौरान हुई धार्मिक गलतियों को लेकर सुखबीर सिंह और अन्य नेताओं पर प्रायश्चित का आदेश दिया था। इसके बाद सुखबीर ने माफी मांगते हुए सेवा करनी शुरू की। हालांकि पार्टी ने अकाल तख्त की ओर से दिए गए सभी निर्देशों को पूरी तरह मानने से इनकार किया, खासतौर पर सदस्यता अभियान की निगरानी को लेकर है।
पार्टी में घमासान और बगावत
अकाली दल में इन दिनों अंदरूनी खींचतान चल रही है। गुरप्रताप सिंह वडाला और विधायक मनप्रीत अयाली जैसे नेता पार्टी से अलग होकर तख्त की निगरानी में नया सदस्यता अभियान चला रहे हैं। ये अभियान तीन महीने तक चल सकता है। SAD ने 13 अप्रैल को बैसाखी के दिन बठिंडा के तलवंडी साबो में बड़ा राजनीतिक सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया है। इसमें नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे।




