नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। आंध्र प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने और मॉर्फ्ड वीडियो या फोटो पोस्ट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार ने पीडी अधिनियम (Preventive Detention Act) में संशोधन किया है।
Preventive Detention Act में संशोधन
आंध्र प्रदेश विधानसभा में हाल ही में खतरनाक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम-1986 (PD Act) में संशोधन एक्ट पारित किया गया है। इसके तहत अब सोशल मीडिया पर अश्लील पोस्ट करने और साइबर अपराध करने वालों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। संशोधन के बाद यदि कोई व्यक्ति इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है तो उसे एक साल तक जेल में रखा जा सकता है। जमानत मिलने का कोई प्रावधान नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर अश्लील पोस्ट का मामला
आंध्र प्रदेश में कुछ लोग राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया टीमों के नाम पर अश्लील और मॉर्फ्ड तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। इसमें राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री और उनके परिवार के सदस्य, यहां तक कि छोटे बच्चे भी निशाने पर हैं। पुलिस ने पाया कि यह हमला संगठित तरीके से किया जा रहा है और इसकी जड़ें हैदराबाद, बेंगलुरु, और विदेशों तक फैली हुई हैं।
पुलिस का एक्शन
पुलिस ने राज्यभर में ऐसे लोगों की पहचान की है जिन्होंने इन अपराधों को अंजाम दिया है। जांच जारी है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। अब सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इन अपराधों से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने 50 हजार से ज्यादा लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है जो इस तरह के अपराधों में शामिल हो सकते हैं।
Preventive Detention Act का प्रभाव
इस संशोधन के तहत यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि वह फिर से अपराध करने या कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो जिला कलेक्टर या पुलिस कमिश्नर उसे पीडी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर सकते हैं। यह कानून अब सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों को भी गंभीरता से लेगा और आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाएगा।
आंध्र प्रदेश सरकार ने यह कदम समाज में बढ़ते साइबर अपराधों और सोशल मीडिया पर हो रहे गलत गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया है।





