चेन्नई, 22 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को आठ तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अपने समकक्षों से केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित भारतीय बंदरगाह विधेयक 2021 के मसौदे पर आपत्ति करने का आग्रह किया। स्टालिन ने सोमवार को गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को लिखे एक पत्र में राज्यों की शक्तियों को कम करने के कदमों को रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई का भी प्रस्ताव रखा है। स्टालिन के अनुसार, छोटे बंदरगाहों के मौजूदा प्रबंधन मॉडल को संशोधित करने के लिए केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा मसौदा भारतीय बंदरगाह विधेयक 2021 तैयार किया गया था। इस विधेयक पर चर्चा के लिए 24 जून 2021 को राज्य मंत्रियों के साथ समुद्री राज्य विकास परिषद (एमएसडीसी) की बैठक बुलाई गई है। स्टालिन ने कहा कि मौजूदा भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 1908 में राज्य सरकारों के पास छोटे बंदरगाहों की योजना बनाने, विकसित करने, विनियमित करने और नियंत्रित करने की शक्तियां निहित हैं। स्टालिन ने कहा, हालांकि, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2021 के नए मसौदे में इसे बदलने और इनमें से कई शक्तियों को एमएसडीसी को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव है, जो अब तक केवल एक सलाहकार निकाय रहा है। इसके अलावा, वर्तमान में राज्य सरकारों द्वारा प्रयोग की जाने वाली कई शक्तियों को केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा। उनके अनुसार, एक नया विधेयक लाने के केंद्र सरकार के कदम से छोटे बंदरगाहों के प्रबंधन पर दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि विधेयक पारित होने पर राज्य सरकारों की अब कोई बड़ी भूमिका नहीं होगी। स्टालिन ने कहा, हम पहले ही केंद्रीय बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय के साथ इस मुद्दे को उठा चुके हैं, छोटे बंदरगाहों के विनियमन और प्रबंधन में राज्यों की स्वायत्त भूमिका को कम करने के लिए ऐसे कदमों का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा, मैं यह भी अनुरोध करता हूं कि हमारी सभी राज्य सरकारें 24 जून 2021 को एमएसडीसी की बैठक के दौरान उपरोक्त विधेयक का विरोध करते हुए इन टिप्पणियों को इसी तरह से संप्रेषित करें। –आईएएनएस एचके/एएनएम




