नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाकुंभ 2025 को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सिलसिले में कल देर रात एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। खासतौर पर मौनी अमावस्या जैसे बड़े मौके को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सात स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू
महाकुंभ में सुरक्षा के लिए सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान 37,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसमें PAC, NDRF, SDRF, पुलिस और अन्य सुरक्षा बल शामिल होंगे। पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। AI इनेबल सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन पूरे मेले पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, पानी के अंदर निगरानी के लिए विशेष जल-ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे।
पानी से लेकर डिजिटल तक सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 220 हाईटेक डीप ड्राइवर्स और 700 नावों को 24 घंटे तैनात किया जाएगा। गोवा, कोलकाता और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से वॉटर पुलिस के जवानों को भी बुलाया गया है। डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए महाकुंभ में साइबर सुरक्षा के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम किसी भी अफवाह, साइबर हमले या गलत जानकारी को रोकने के लिए काम करेगी।
सीमा सुरक्षा और खालिस्तानी धमकी पर अलर्ट
भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सीमा पर वॉच टावर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, खालिस्तानी संगठनों से मिली धमकियों को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि
सरकार की इन खास तैयारियों का उद्देश्य महाकुंभ 2025 को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि यादगार बनाना है। करोड़ों श्रद्धालु, जो देश-विदेश से यहां आते हैं, बिना किसी बाधा के अपने धार्मिक अनुष्ठान कर सकें, यही सरकार की प्राथमिकता है। महाकुंभ 2025 के इस भव्य आयोजन के साथ सुरक्षा के इन ठोस कदमों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज अनुभव मिल सकेगा।





