नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लद्दाख के लेह में हाल ही हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लगाया है, साथ ही मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड स्पीड सीमित कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
लेह में हुई हिंसा का मामला
24 सितंबर को लेह में भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और लगभग 90 लोग घायल हुए। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस हिंसा की मुख्य वजह भड़काऊ भाषण और उकसावे थे। सोनम वांगचुक पर आरोप है कि उन्होंने युवाओं को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने स्थानीय बीजेपी कार्यालय और सरकारी संपत्तियों पर हमला किया। इस हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने तेज कार्रवाई की और वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी और बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था
लेह पुलिस के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। सोनम वांगचुक फिलहाल हिरासत में हैं, और उनकी अगली कार्रवाई पर फैसला जल्द ही होगा। उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, जिससे सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों को रोका जा सके।
प्रदर्शनकारियों की मांग और प्रशासन की प्रतिक्रिया
सोनम वांगचुक और उनके समर्थक लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश से राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे थे। हिंसा के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लगाया है और धारा 144 लागू की है, जिससे किसी भी तरह के एकत्र होने पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, सुरक्षा कारणों से सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र दो दिन के लिए बंद रखे गए हैं। उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक कर सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कड़ा रुख
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। लद्दाख क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए तत्पर हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इलाके में शांति और सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी।
आगे की कार्यवाही और स्थिति पर नजर
लेह हिंसा के बाद की गई यह सख्त कार्रवाई प्रशासन की स्थिति को नियंत्रण में रखने और शांति बहाल करने की कोशिश मानी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार स्थिति की बारीकी से समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार आगे कदम उठाएगी। स्थानीय लोगों को अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों से बचें।
यह पूरा घटनाक्रम लद्दाख की संवेदनशील स्थिति और स्थानीय मांगों के बीच एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में उभरा है। प्रशासन एवं सुरक्षा बल लगातार मुस्तैद हैं ताकि इलाके में स्थिरता कायम रखी जा सके।





