नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इन अटकलों को तब और बल मिला जब हाल ही में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में एनसीपी प्रमुख अजित पवार और एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार एक साथ मंच साझा करते नजर आए।
इसी बीच एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने आज बुधवार को पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की एक अहम बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है, जिसमें संभावित विलय का मुद्दा भी प्रमुख हो सकता है। हालांकि, अब तक दोनों ही गुटों की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह विषय लगातार गर्माया हुआ है।
अजित पवार को साथ लेने के पक्ष में कुछ नेता, आज की बैठक पर टिकी निगाहें
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (एसपी) के कुछ नेता और सांसद इस पक्ष में हैं कि अजित पवार को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। उनका तर्क है कि अजित पवार पहले से ही सत्ता में हैं और उन्होंने अब तक एनसीपी (एसपी) के कई नेताओं की मदद भी की है, जिसे पार्टी के भीतर एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इस रुख के चलते दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों को और बल मिला है।
बुधवार को बुलाई गई एनसीपी (एसपी) की राज्य कार्यकारिणी बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील बैठक में क्या रुख अपनाते हैं और कार्यकर्ताओं को किस दिशा में मार्गदर्शन देते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बैठक चाचा-भतीजे के बीच दूरी कम करने की दिशा में कोई निर्णायक कदम साबित होगी।
अंतिम निर्णय सुप्रिया सुले लेंगी – शरद पवार
बीते कुछ समय में कई सार्वजनिक मंचों पर शरद पवार और अजित पवार को एक साथ देखा गया, जिससे इन अटकलों को और हवा मिली। इस बीच शरद पवार ने एक अहम बयान देते हुए कहा है कि अगर एनसीपी के दोनों गुट फिर से एक होते हैं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम निर्णय सुप्रिया सुले लेंगी। इस बयान को पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाले एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, राज्य के पूर्व गृह मंत्री और शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने भी इन अटकलों पर प्रतिक्रिया दी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विलय होता है, तो यह न केवल एनसीपी के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। इसका असर महा विकास आघाड़ी (MVA) और भाजपा की रणनीति पर भी पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील द्वारा बुलाई गई कार्यकारिणी बैठक पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे पार्टी को किस दिशा में ले जाने का संकेत देते हैं और संभावित एकजुटता पर क्या रुख अपनाते हैं।




