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Monday, March 2, 2026
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ट्रैफिक चालानों पर 75% तक मिल सकती है छूट, जानिए कब मिल रहा है चालान से छुटकारा पाने का मौका

अगर आपके ऊपर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण चालान बकाया है तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। 13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत में लंबित मामलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चलते अगर आपके वाहन का चालान कटा है, या पुराने ट्रैफिक चालान लंबित हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) शनिवार, 13 सितंबर 2025 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन कर रही है। इस लोक अदालत में आप अपने ट्रैफिक चालान के साथ-साथ छोटे-मोटे केसों का भी निपटारा करा सकते हैं। इसी तरह महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी भी मुंबई और अन्य शहरों में लोक अदालत लगाएगी, जहां लंबित मामलों का फटाफट समाधान किया जाएगा। लोक अदालत के जरिए चालानों पर 75% तक की छूट मिल सकती है, जिससे समय और पैसा दोनों की बचत हो सकती है।

दिल्ली में कई जगहों पर लगेगी लोक अदालत


दिल्ली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन सिर्फ दिल्ली हाईकोर्ट में ही नहीं, बल्कि सभी जिला अदालतों, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल्स, दिल्ली स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रेड्रेसल कमीशन, डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रेड्रेसल कमीशंस, और परमानेंट लोक अदालतों में भी किया जाएगा। इस पहल का मकसद है लोगों के छोटे-मोटे मामलों का शांतिपूर्ण और त्वरित समाधान करना। लोक अदालत में न सिर्फ फैसला तुरंत मान्य होता है, बल्कि कोर्ट फीस भी वापस मिलती है, जिससे आम जनता को राहत मिलती है। यह अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी।

लोक अदालत में चालान निपटाने के लिए जरूरी है टोकन


लोक अदालत में आप अपने पेंडिंग ट्रैफिक चालानों को न केवल निपटा सकते हैं, बल्कि कई मामलों में भारी छूट या माफी भी पा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, बिना टोकन के आपकी सुनवाई संभव नहीं होगी। लोक अदालत में चालान का निपटारा कराने के लिए सबसे पहले आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। टोकन मिलने के बाद ही आपका केस स्वीकार किया जाएगा, इसलिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

लोक अदालत के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?


लोक अदालत में मामलों का निपटारा करवाने के लिए सबसे पहले आपको नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आपको लोक अदालत रजिस्ट्रेशन का विकल्प मिलेगा। इस विकल्प को चुनने के बाद ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और मांगे गए जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट करने के बाद, आपको टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर ईमेल या मोबाइल पर प्राप्त होगा। इस अपॉइंटमेंट लेटर में आपके केस की तारीख, समय और सुनवाई की जगह की पूरी जानकारी दी गई होगी, जिसे लेकर आपको निर्धारित स्थान पर पहुंचना होगा।


ये दस्‍तावेज रखें साथ

– मूल दस्तावेज

– टोकन नंबर

– अपॉइंटमेंट लेटर

किन ट्रैफिक चालानों पर मिल सकती है राहत? 


लोक अदालत में कुछ खास तरह के छोटे-मोटे ट्रैफिक उल्लंघनों पर छूट दी जा सकती है। ये वे मामले हैं जिनमें आमतौर पर भारी पेनल्टी लगती है, लेकिन लोक अदालत के जरिए इन्हें आसान और रियायती तरीके से निपटाया जा सकता है। राहत मिलने वाले चालानों में बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाना, दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट, रेड लाइट जंप करना, ओवरस्पीडिंग या गति सीमा का उल्लंघन, नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना, बिना मान्य PUC सर्टिफिकेट के वाहन चलाना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइविंग करना, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाहन चलाना, गलत लेन में गाड़ी चलाना, ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना शामिल हैं। 

इन मामलों पर लोक अदालत में नहीं मिलेगी राहत


हालांकि लोक अदालत में कई तरह के मामूली ट्रैफिक उल्लंघनों पर राहत दी जा रही है, लेकिन कुछ गंभीर मामलों को इससे बाहर रखा गया है। इन केसों की सुनवाई सिर्फ सामान्य अदालतों में ही की जाएगी, लोक अदालत में नहीं।


निम्नलिखित मामलों में लोक अदालत के जरिए कोई राहत नहीं मिलेगी :-

– शराब पीकर गाड़ी चलाना

– हिट एंड रन यानी दुर्घटना के बाद फरार होना

– लापरवाही से किसी की मौत होना

– अवैध रेसिंग या तेज रफ्तार से हुआ सड़क हादसा

– नाबालिग द्वारा वाहन चलाना

– किसी अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ियां

– जिन मामलों में पहले से कोर्ट ट्रायल चल रहा हो

– दूसरे राज्यों में जारी ट्रैफिक चालान

लोक अदालत में कैसे होगी सुनवाई? जानिए प्रोसेस 


लोक अदालत में मामलों की सुनवाई टोकन नंबर के आधार पर की जाएगी। संबंधित जज या अधिकृत अधिकारी आपके चालान की समीक्षा करेंगे और स्थिति के अनुसार पूरा जुर्माना माफ कर सकते हैं या फिर आंशिक छूट दे सकते हैं। हालांकि, यदि मामला गंभीर निकला या आपने पहले भी बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है, तो आपके खिलाफ जुर्माना बरकरार रखा जा सकता है। जैसे ही आदेश पारित होता है, मामला वहीं पर निपटा हुआ मान लिया जाएगा और आपको बार-बार कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आमतौर पर लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों पर 60% तक की छूट मिल जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह छूट 75% तक भी दी जा सकती है। कुल मिलाकर, यह लोक अदालत उन सभी लोगों के लिए एक सुनहरा मौका है, जिनके चालान पेंडिंग पड़े हैं।

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