नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । एशिया कप में भारत की जीत से ज्यादा सुर्खियां उस हाई वोल्टेज ड्रामे ने बटोरीं, जो मुकाबले के बाद मैदान पर देखने को मिला। दर्शक और विशेषज्ञ जीत की खुशी से ज्यादा इस अप्रत्याशित घटनाक्रम पर चर्चा कर रहे हैं, जिसने मैच को विवादों के घेरे में ला दिया।
एशिया कप में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान के मंत्री और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इस कदम ने मैच की जीत से ज्यादा सुर्खियां बटोरीं और क्रिकेट जगत में तीखी चर्चाओं को जन्म दिया।
BCCI ने टीम के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय टीम उस शख्स से ट्रॉफी नहीं ले सकती जिसने भारत के खिलाफ युद्ध को बढ़ावा दिया। वहीं, टीम इंडिया के इस फैसले की आलोचना भी हो रही है और कुछ इसे केवल राजनीतिक ड्रामा मान रहे हैं।
शिवसेना UBT नेता संजय राउत क्या बोले
शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने एशिया कप की शुरुआत का एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि, सिर्फ 15 दिन पहले टीम सदस्य पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी के साथ हाथ मिला रहे थे और मुस्कुराकर तस्वीरें खिंचवा रहे थे। अब कैमरों के सामने यह पूरी तरह से राष्ट्रवादी ड्रामा नजर आ रहा है।
संजय राउत ने कहा कि अगर देशभक्ति सचमुच खून में होती, तो खिलाड़ी पाकिस्तान के साथ मैदान पर कदम भी नहीं रखते। उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरू से अंत तक यह शुद्ध नाटक रहा और भारत की जनता के साथ खेला गया।
”यह प्रोपेगेंडा फैलाने का एक तरीका”
आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एशिया कप की शुरुआत का वही वीडियो साझा करते हुए कहा कि सिर्फ 15 दिन पहले खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी के साथ हाथ मिलाया और फोटो खिंचवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में मैच का विरोध होने के बाद खिलाड़ियों को नई स्क्रिप्ट दी गई ताकि देश में प्रोपेगेंडा फैलाया जा सके।
अमित मालवीय ने AAP नेता पर साधा निशाना
इस पूरे मामले पर बीजेपी के आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने सौरभ भारद्वाज का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि अरविंद केजरीवाल और कुछ AAP नेताओं ने टीम इंडिया के कप्तान को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों की मदद के लिए मैच फीस सशस्त्र बलों को दान करने की चुनौती दी। मालविया ने कहा कि, कप्तान ने इस पर शानदार अंदाज में जवाब दिया।
अमित मालवीय ने सूर्यकुमार यादव का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी मैच फीस भारतीय सशस्त्र बलों को दान करने का ऐलान किया। भारत ने एशिया कप फाइनल जीत लिया, लेकिन मैच के बाद हुए विवाद ने देश में नई बहस और चर्चा को जन्म दे दिया है।





