नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार में गृह मंत्री का पदभार संभालते ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी फुल एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने मंगलवार को गृह मंत्रालय का चार्ज लेने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए कई बड़े और सख्त कदम उठाने की घोषणा की। उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन और सोशल मीडिया पर गाली देने वालों पर कार्रवाई शामिल है।सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा और अपराधियों, खासकर हर स्तर के माफिया को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एंटी रोमियो स्क्वॉयड और पिंक मोबाइल
छात्राओं से छेड़छाड़ और मनचलों की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए गृह मंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल-कॉलेज के आसपास छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन किया जाएगा।इस स्क्वॉयड के तहत पिंक मोबाइल पुलिस टीम की तैनाती की जाएगी, जिसमें महिला पुलिसकर्मी होंगी। यह टीम छेड़छाड़ की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
सोशल मीडिया पर ‘गालीबाजों’ पर लगेगी लगाम
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है। यह कदम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ते दुर्व्यवहार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अपराध नियंत्रण और सुशासन की प्राथमिकताएं
गृह मंत्री ने कहा कि गृह विभाग की तीन मुख्य प्राथमिकताएं होंगी।
सुशासन (Good Governance)
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
स्पीडी ट्रायल (Spedy Trial)
जेलों में सख्ती और माफिया पर नकेल
जेल के अंदर से होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए भी उन्होंने कड़े निर्देश दिए।
जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुँच रहे हैं, इसकी गहनता से जाँच की जाएगी। जेल के अंदर कैदियों के लिए बाहरी खाना ले जाने पर पूरी तरह रोक लगेगी। हर स्तर के माफिया को चिह्नित कर उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालने से पहले करीब दो घंटे तक पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ गहन बैठक की और कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
बिहार में एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन और ‘पिंक मोबाइल’ पुलिस टीम की तैनाती का मॉडल मुख्यतः उत्तर प्रदेश और दक्षिणी राज्यों के सफल पुलिसिंग मॉडल से प्रेरणा लेता है, जिसे बिहार अपनी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से ढाल सकता है।
जब भी एंटी रोमियो स्क्वॉयड की बात आती है, तो सबसे पहले उत्तर प्रदेश का मॉडल याद किया जाता है, जिसे 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुरू किया था। जिसका उद्देश्य यूपी में यह स्क्वॉयड स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले मनचलों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए बनाया गया था।इसमें सादी वर्दी में पुलिसकर्मी और महिला पुलिसकर्मी दोनों शामिल होते थे, जो संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखते थे।
केरल (Pink Police)- यह महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित विशेष मोबाइल इकाई है, जिसका मुख्य ध्यान सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया पर होता है।इसमें भी महिला पुलिसकर्मी शामिल होती हैं और फोकस त्वरित एक्शन पर है। और तेलंगाना में यह सादे कपड़ों में काम करने वाली टीमें होती हैं, जो स्कूल-कॉलेज के पास उत्पीड़न करने वालों को रंगे हाथ पकड़ती हैं। यह सीधे तौर पर मनचलों पर नकेल कसने और साक्ष्य जुटाने पर केंद्रित है।
बिहार में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ और ‘पिंक मोबाइल’ को एक साथ जोड़कर, यूपी मॉडल के लक्ष्य (छेड़छाड़ रोकना) और केरल/अन्य राज्यों के सफल मोबाइल महिला पुलिसिंग मॉडल की कार्यप्रणाली को अपनाने का संकेत दिया है। यह सुनिश्चित करेगा कि कार्रवाई त्वरित हो और महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति से पीड़ित छात्राओं में विश्वास बढ़े।




