नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर हो रहे निकाय चुनावों (बीएमसी चुनाव) से पहले सपा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। बुधवार को महाराष्ट्र में सपा के अध्यक्ष अबू आजमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि सपा अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी से गठबंधन नहीं करेगी।
क्या कहा गया?
अबू आजमी ने कहा है कि सपा मुंबई में लगभग 150 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ लेना चाहती है, देना नहीं यानी कि बड़े दल की भूमिका में सिर्फ वादे हैं, जिम्मेदारी नहीं। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल होने के बावजूद कांग्रेस उन्हें पर्याप्त साझेदारी नहीं देती और इसलिए सपा अब अकेले मैदान में उतर रही है।
सपा के दावे व मांगें
अबू आजमी ने कहा: “हमारे विचारधारा में किसान-मज़दूर और दबे-कुचले लोग शामिल हैं और धर्म की राजनीति नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि निकाय चुनावों में आरक्षण और सीट वितरण में पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि बड़े दलों की मनमानी कम हो सके। पहले सपा Maha Vikas Aghadi गठबंधन का हिस्सा रही थी, लेकिन अब उसने घोषणा की है कि वह उस गठबंधन के साथ नहीं चलेंगी। इस फैसले से राजनीतिक गलियारे में कांग्रेस और सपा के बीच तनाव बढ़ा हुआ दिख रहा है। सपा द्वारा यह फैसला यह संकेत देता है कि मुंबई की निकाय राजनीति में खुद-की ताकत दिखाने की रणनीति अपनाई जा रही है। कांग्रेस-सपा समन्वय कमजोर होने का भी संकेत मिलता है। अब देखने की बात होगी कि 150 सीटों पर सपा का क्या प्रदर्शन रहेगा और इससे शहर-स्तर पर राजनीति का समीकरण कैसे बदलेगा।
राज ठाकरे की पार्टी पर भी भड़के
राज ठाकरे की पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ने एमएनएस ने उत्तर भारतीयों का बड़ा अपमान किया। उनके साथ जो जाएगा, उनका नुकसान होगा।





