नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई 26 सितंबर की सांप्रदायिक हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को बरेली जाने वाला था ताकि पीड़ितों से मुलाकात कर सके, लेकिन प्रशासन ने सभी नेताओं को रोक दिया। लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे को उनके घर पर ही रोक लिया गया है, जबकि सांसद जियाउर्रहमान बर्क के संभल स्थित आवास के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि बिना अनुमति कोई भी राजनीतिक प्रतिनिधि बरेली की सीमा में प्रवेश नहीं करेगा।
क्या है मामला
26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद से जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। शहर में अब शांति है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बरेली जाकर हालात का जायजा लेना चाहता था, जिसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे को लखनऊ में रोका गया
सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे आज 4 अक्टूबर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बरेली जाने वाले थे। लेकिन लखनऊ पुलिस ने उनके घर को चारों ओर से घेर लिया और बाहर निकलने से रोक दिया। पीजीआई थाने की ओर से उन्हें नोटिस देकर कहा गया कि बिना अनुमति बरेली जाना नियमों के खिलाफ है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के संभल स्थित घर के बाहर भी पुलिस ने घेरा डाल दिया है। उन्हें हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा गया है। पुलिस ने साफ कहा कि किसी को भी बरेली की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बरेली के जिलाधिकारी की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि बीएनएसएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत किसी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को सक्षम अनुमति के बिना बरेली में प्रवेश नहीं मिलेगा। आदेश में स्पष्ट है कि “जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी राजनीतिक प्रतिनिधियों को जनपद की सीमा में ही रोका जाए।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे
बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख नेता शामिल थे, माता प्रसाद पांडे (नेता प्रतिपक्ष, यूपी विधानसभा), सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद मोहिबुल्लाह, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद प्रवीण, सिंह ऐरन और नीरज मौर्य शामिल थे। बरेली के चार प्रमुख इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती है। जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई, लेकिन इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं एहतियातन बंद रखी गईं। नौमहला मस्जिद और आला हजरत दरगाह क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी रही। दुकानदार और व्यापारी अब भी डर के माहौल में हैं, कई बाजार बंद रहे।





