नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त टिप्पणियों से खफा बीजेपी नेता जहांजैब सिरवाल ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी। सिरवाल ने कहा कि यूपी सरकार की कार्रवाई मुस्लिम समुदाय को निशाना बना रही है, जो प्रधानमंत्री मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के नारे के बिल्कुल विपरीत है।
क्या कहा सिरवाल ने?
सिरवाल ने अपने बयान में कहा कि वह एक “गौरवान्वित मुसलमान और प्रतिबद्ध बीजेपी नेता” हैं, लेकिन यूपी सरकार के हालिया कदमों से आहत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आई लव मुहम्मद’ बैनर के जरिए आस्था की अभिव्यक्ति को गलत तरीके से टारगेट किया जा रहा है। सिरवाल ने कहा, “अगर पार्टी मुसलमानों का भरोसा बहाल करने के लिए कदम नहीं उठाती, तो मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत हर नागरिक को धर्म मानने और पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन हाल के बयान और कार्रवाई इस अधिकार का उल्लंघन करते हैं।
विवाद की जड़: ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने पर 24 लोगों के खिलाफ एफआईआर। बरेली 26 सितंबर शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिद के बाहर पोस्टर लिए भीड़ इकट्ठा हुई, जिसके बाद झड़पें। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 68 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक स्थानीय मौलवी भी शामिल हैं।
योगी आदित्यनाथ का बयान
बलरामपुर में सीएम योगी ने कहा था कुछ लोग उपद्रव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा फैलाने वालों का रास्ता सीधे नर्क की तरफ जाएगा। लाठियों के भूत बातों से नहीं मानते, उन्हें सख्ती से जवाब दिया जाएगा। सिरवाल का कहना है कि ऐसे बयान न केवल विभाजनकारी हैं बल्कि पार्टी की एकता और देश की बहुलवादी आत्मा को भी कमजोर करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो उनका “ईमान” उन्हें पार्टी से दूरी बनाने के लिए मजबूर करेगा।




