नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हर साल लाखों युवा UPSC की परीक्षा देते हैं और सपना देखते हैं कि वे देश के बड़े अफसर बनें। इस परीक्षा से कई प्रतिष्ठित सेवाओं में चयन होता है, जिनमें IAS और IFS सबसे ज्यादा चर्चित हैं। अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या IFS अधिकारियों की सैलरी IAS से ज्यादा होती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं दोनों सेवाओं की सैलरी और सुविधाएं।
शुरुआती सैलरी कितनी होती है?
7वें वेतन आयोग के अनुसार IAS और IFS दोनों की शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 रुपये प्रति महीना होती है। जब कोई अधिकारी ट्रेनिंग पूरी कर पहली पोस्टिंग पर जाता है, तो उसकी मूल तनख्वाह दोनों सेवाओं में समान रहती है। जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है और प्रमोशन मिलता है, सैलरी भी बढ़ती जाती है। ऊंचे पद पर पहुंचने पर दोनों सेवाओं की बेसिक सैलरी 2,50,000 रुपये प्रति महीना तक हो सकती है।
फिर IFS की कमाई ज्यादा क्यों मानी जाती है?
असल फर्क भत्तों की वजह से पड़ता है। IAS अधिकारी आमतौर पर भारत के अलग-अलग राज्यों या केंद्र सरकार के विभागों में काम करते हैं। उन्हें कई तरह के भत्ते मिलते हैं, जैसे: महंगाई भत्ता (DA), मकान भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA), मेडिकल सुविधा वहीं IFS अधिकारी अक्सर विदेशों में भारतीय दूतावास या मिशन में तैनात रहते हैं। इसलिए उन्हें अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय भत्ते मिलते हैं, जैसे फॉरेन अलाउंस, हार्डशिप अलाउंस स्पेशल इंटरनेशनल भत्ते इन्हीं भत्तों की वजह से कई बार उनकी कुल कमाई ज्यादा हो जाती है।
कुल इन-हैंड सैलरी कितनी हो सकती है?
अगर पोस्टिंग भारत में हो, तो IAS और IFS दोनों अधिकारियों की इन-हैंड सैलरी लगभग 1 लाख से 2.5 लाख रुपये प्रति महीना तक हो सकती है। लेकिन अगर IFS अधिकारी की पोस्टिंग किसी विकसित देश में हो, तो उनकी कुल कमाई 3 लाख से 4 लाख रुपये प्रति महीना या उससे भी ज्यादा हो सकती है। हालांकि यह पूरी तरह देश, पोस्टिंग और पद पर निर्भर करता है, क्योंकि हर देश में भत्तों की राशि अलग-अलग होती है। सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि दोनों सेवाओं में कई बड़ी सुविधाएं भी दी जाती हैं। IAS अधिकारियों को मिलती हैं ये सुविधाएं, सरकारी बंगला, सरकारी गाड़ी और ड्राइवर, सुरक्षा, मेडिकल सुविधा, IFS अधिकारियों को मिलती हैं ये सुविधाएं, विदेश में अच्छा सरकारी घर बच्चों की पढ़ाई की सुविधा अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मेडिकल और पेंशन लाभ सीधे शब्दों में कहें तो IAS और IFS दोनों की बेसिक सैलरी बराबर होती है। लेकिन अगर IFS अधिकारी विदेश में तैनात है, तो विदेशी भत्तों की वजह से उसकी कुल कमाई कई बार IAS अधिकारी से ज्यादा हो सकती है। इसलिए यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि IFS की सैलरी हमेशा IAS से ज्यादा होती है, क्योंकि यह पूरी तरह पोस्टिंग, देश और पद पर निर्भर करता है।





