नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक कार्यक्रम में दिए बयान से एक बार फिर विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने गैर-हिंदू समुदायों को लेकर कहा कि “मंदिर के आसपास अगर प्रसाद बेचते कोई विधर्मी दिखे, तो उसकी ठुकाई करो। न उन्हें बेचने देंगे, न आने देंगे।”
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गैर-हिंदुओं द्वारा तैयार खाद्य सामग्री का सेवन न करें और अपने घरों में भी “विधर्मी” व्यक्तियों को प्रवेश न दें, चाहे वे लाइट फिटिंग, प्लंबिंग या साफ-सफाई से संबंधित काम ही क्यों न करते हों। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए घरों में हथियार रखें। अपने भाषण में उन्होंने महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
मंदिर के आसपास प्रसाद बेचने वालों की पहचान कर कार्रवाई करें-साध्वी प्रज्ञा
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को भोपाल के छोला इलाके में दुर्गा वाहिनी पथ संचालन कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों के आसपास प्रसाद बेचने वालों के ग्रुपों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों में नवरात्रि में ऐसे कई ग्रुप बनाकर खोजना पड़ेगा कि हमारे मंदिरों के आसपास प्रसाद कौन बेचता है? अगर प्रसाद बेचते हुए कोई विधर्मी का पता चले तो जितनी हो सके उसकी ठुकाई करो। विधर्मियों से हम प्रसाद नहीं खरीदेंगे। न उनको बेचने देंगे और ना ही मंदिर में आने देंगे।
हर घर में हथियार रखने की बात
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि दुश्मन घर की दहलीज पार करे तो बीच से काट दो। उन्होंने लोगों से अपने घरों में हथियार रखने का आग्रह किया। प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि मैंने ये कहा है कि आपको अपने घरों में हथियार रखना चाहिए। हथियारों को जरा धार तेज रखें। क्योंकि जब हमारी बेटियों‑बहनों को घरों में से उठाकर ले जाते हैं और उनके टुकड़े करके रोड पर बिखेर देते हैं तो बहुत दुख होता है। उन्होंने आगे कहा कि इस दुख को बाहर निकालने के लिए जब दुश्मन घर की दहलीज पार करने की कोशिश करे तो उन्हें बीच में से काट देना चाहिए। उन्होंने दुर्गा वाहिनी के काम के रूप में हर घर में दुर्गा तैयार करने और हर घर में हथियार रखने का आह्वान भी दोहराया। साथ ही कहा कि हम नियम-कानून का हम पालन करते हैं, क्योंकि ये देश हमारा है।
गांधी और नेहरू पर साध्वी प्रज्ञा ने की विवादास्पद टिप्पणी
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने महात्मा गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने आजादी की प्रक्रिया, नेतृत्व चयन और स्वतंत्रता के बाद की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। साध्वी ने कहा कि वो कहते थे कि आजादी बिना खड़क, बिना ढाल के मिली, लेकिन वे सिर्फ सत्ता के लालची थे। उन्होंने ऐसे व्यक्ति को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया, जो न तो वोटों में जीता था, न देश के मन को। न उसने देश के लिए कोई सेवा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू जैसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाया गया, जो पेरिस में अपने कपड़े धुलवाने भेजता था, अंग्रेजों की चाटुकारिता करता था और अंग्रेजी महिलाओं के सामने नतमस्तक होता था। न चरित्र से अच्छा, न चाल से अच्छा, न नेतृत्व में। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी उन्हीं नीतियों की वजह से भारत को विभाजन जैसी त्रासदी झेलनी पड़ी और कई हिस्से अलग देश बन गए।





