नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बेंगलुरु के क्षेत्रीय पीएफ अधिकारी ने आरोप लगाया कि भारतीय पूर्व क्रिकेटर की कंपनी Centaurus Lifestyle Brands Pvt Ltd अपने कर्मचारियों के बकाया PF का भुगतान करने में विफल रही है। इस मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया। इस मामले में क्रिकेटर उथप्पा ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वो कई साल पहले ही कंपनी के डायरेक्स्टर पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने आगे यह भी बताया है कि पद पर रहते हुए कोई भी काम आधिकारिक तौर पर नहीं किया है और ना ही कंपनी के डे टू डे ऑपरेशन्स में दखल दिया है।
क्या है PF Fraud केस?
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेट रॉबिन उथप्पा के खिलाफ प्रोविडेंट फंड (पीएफ) धांधली आरोपों के बाद उनके खिलाफ पुलिस ने अरेस्ट वारंट जारी किया था। जिसमें उथप्पा पर गंभीर आरोपों का ज्रिक किया है, इस फ्रॉड केस में उन्होंने अपनी कंपनी के कर्मचारियों के वेतन से रकम काटने के बाद बावजूद पीएफ खातों में पैसों का भुगतान नहीं किया गया था। CENTURIES LIFESTYLE BRAND PVT LTD नाम की कंपनी में काम करने वालें कर्मचारियों के वेतन से 23 लाख रुपये काटने के बाद भी उनके पीएफ खातों में राशि का भुगतान करने में विफल रहा। मामला सामने आने के बाद कर्नाटक के इस क्रिकेटर के खिलाफ विभाग ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया।
अपने उपर लगे अरोपों पर क्या बोले उथप्पा?
पूर्व क्रिकेटर ने अपने उपर लगे आरोपों का खंडल किया है, उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक स्टेटेमेंट जारी किया है। उन्होने लिखा कि, ‘मेरे खिलाफ पीएफ फ्रॉड केस में ताजा खबरों के बीच, मैं स्ट्रॉबेरी लेन्सेरिया प्राइवेट लिमिटेड, सेंटॉरस लाइफस्टाइल ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड और बेरीज फैशन हाउस के साथ अपनी भागीदारी के संबंध में कुछ स्पष्टीकरण देना चाहूंगा। 2018-19 में, मुझे इन कंपनियों में लोन के रूप में मेरे आर्थिक सहयोग के चलते कंपनी के डायरेक्टर पद के रूप में नियुक्त किया था। हालांकि, मैं इस कंपनी में कोई सक्रिय भूमिका के तौर पर कोई लेनदेन नहीं किया हुं, न ही मैं व्यवसायों कामकाजों में संलिप्त रहा हुं।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘एक प्रोफेशनल क्रिकेटर, टीवी प्रेजेंटर और कमेंटेटर के रूप में मेरे व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए न तो मेरे पास उनके संचालन में भाग लेने के लिए समय था और न ही उन्हें राय देना का। सच कहूं तो, मैंने आज तक जिन अन्य कंपनियों को का वित्तिय सहायता दिया है, उनमें से किसी में प्रकार में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता हूं।’
‘कंपनी मेरे पैसे लौटाने में विफल’
पूर्व क्रिकेट उथप्पा ने कहा, ‘अफसोस की बात है कि ये कंपनियां मेरे द्वारा योगदान के तौर पर उधार लिए पैसे वापस लौटाने में विफल रहीं, जिसके कारण मुझे कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, जो कि वर्तमान में यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मैंने कई साल पहले अपने डायरेक्टर पद से भी इस्तीफा दे चुका था। जब PF अधिकारियों ने बकाया भुगतान की मांग करते हुए मुझे नोटिस जारी किए, तो मेरी कानूनी टीम ने जवाब दिया, जिसमें बताया गया कि इन कंपनियों में मेरी कोई भूमिका नहीं है और कंपनियों की ओर से खुद ही मेरे शामिल न होने की पुष्टि करने वाले दस्तावेज भी दिए थे।




