नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने वाड्रा समेत कुल 11 आरोपियों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा दायर की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले जारी किया गया है।
28 अगस्त को होगी सुनवाई
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 28 अगस्त 2025 तय की है। इस दिन रॉबर्ट वाड्रा की ओर से कोर्ट में जवाब और दलीलें पेश की जाएंगी। अभी तक कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उस पर बहस के लिए नोटिस भेज दिया है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव की 3.53 एकड़ ज़मीन की डील से जुड़ा है, जो साल 2008 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदी थी। ईडी का आरोप है कि इस डील में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और पर्सनल इनफ्लुएंस का इस्तेमाल कर कमर्शियल लाइसेंस लिया गया।
चार्जशीट में कौन-कौन आरोपी?
ED ने 17 जुलाई 2025 को कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें 11 लोग और कंपनियां आरोपी बनाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं, रॉबर्ट वाड्रा, स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी, सत्यानंद याजी सहयोगी केवल सिंह विरक, ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज, ईडी ने कहा है कि रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगियों ने अपराध से कमाई गई रकम से संपत्तियां खरीदीं, और इसे छुपाने के लिए लेयरिंग परत-दर-परत छुपाना की गई। यह मनी लॉन्ड्रिंग का स्पष्ट मामला है। ईडी ने चार्जशीट से पहले 16 जुलाई 2025 को 43 संपत्तियां कुल कीमत 37.64 करोड़ रुपये अटैच की थीं। इससे पहले गुरुग्राम पुलिस ने 2018 में एफआईआर दर्ज की थी (FIR No. 288, दिनांक 01.09.2018)।





