नई दिल्ली, रफतार डेस्क। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब जोशीमठ के पास माणा क्षेत्र में ग्लेशियर फटने से हिमस्खलन हुआ। इस हादसे की चपेट में सीमा सड़क संगठन BRO के कैंप और वहां काम कर रहे मजदूर आ गए। रिपोर्ट के मुताबिक, 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए हैं, जिनमें से अब तक 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाकी मजदूरों को बचाने के लिए सेना, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री से की बात
हादसे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। उन्होंने कहा, “जोशीमठ के माना क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे BRO का जीआरईएफ कैंप प्रभावित हुआ है। सभी उपलब्ध संसाधनों से फंसे लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की और अधिकारियों को जल्द से जल्द मजदूरों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान: “लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता”
गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री धामी, ITBP और NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा, “रेस्क्यू ऑपरेशन प्राथमिकता है, और इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जल्द ही NDRF की दो टीमें मौके पर पहुंचेंगी। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी के मुताबिक, “हमें सुबह सूचना मिली थी कि हिमस्खलन के कारण BRO के लगभग 57 मजदूर बर्फ में दब गए हैं। ITBP, BRO, आर्मी और पुलिस की टीम लगातार प्रयास कर रही है। जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाला जाएगा।
भारतीय सेना की IBEX ब्रिगेड ने तेज किया बचाव कार्य
भारतीय सेना की IBEX ब्रिगेड ने तेज़ी से बचाव अभियान शुरू कर दिया है। अब तक 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है। खराब मौसम के बावजूद सेना और अन्य टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती मौसम बना हुआ है। भारी बर्फबारी और ठंड के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। हेलीकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं, जिससे टीमों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। रेस्क्यू टीम बर्फ के नीचे दबे मजदूरों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मौसम खराब होने के बावजूद सभी एजेंसियां मिशन पर जुटी हुई हैं। लोगों की सलामती के लिए दुआएं की जा रही हैं और प्रशासन जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहा है।





