नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। hindenburg की ताजा रिपोर्ट ने भारतीय राजनीति में उबाल ला दिया है। सोमवार सुबह प्रेस कांफ्रेंस में रविशंकर प्रसाद बोले ”कांग्रेस और इंडी गठबंधन षडयंत्र के तहत शेयर बाजार को अस्थिर करना चाहती है।
BJP नेता रविशंकर ने रिपोर्ट की टाइमिंग पर उठाए सवाल
रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि रिपोर्ट को शनिवार को रिलीज करने का सीधा मकसद सोमवार को शेयर बाजार में उथल पुथल पैदा करना है। तीसरी बार हार से हताश कांग्रेस पार्टी का ये षडयंत्र BJP कभी कामयाब नहीं होने देगी।”
SEBI चीफ ने जारी किया अपना स्पष्टीकरण
SEBI चीफ ने भी इस मामले में अपना स्पष्टीकरण जारी किया, कहा – ” हम मामले से संबंधित कोई भी आर्थिक दस्तावेज दिखा सकते हैं, हमारे चरित्र हनन की कोशिश की जा रही है।
क्या है पूरा मामला ?
अमेरिकी कंपनी Hindenburg Research ने शनिवार को जारी की गई रिपोर्ट में SEBI चीफ माधबी पुरी और Adani Group पर मिलीभगत का आरोप लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक – अडानी मनी साइफनिंग घोटाले में माधबी बुच की हिस्सेदारी होने के कारण अडानी समूह पर न्यायोचित कार्यवाई नहीं की गई। हालांकि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के अंतर्गत हुई थी, जिसके बाद SEBI ने हिंडनबर्ग को नोटिस जारी किया था। ऐसे में दूसरी रिपोर्ट को बदले की कार्यवाई के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Hindenburg ने 2023 में भी लगाए थे आरोप
यह पहली बार नहीं है जब Adani group पर आरोप लगे हों। जनवरी 2023 में भी Hindenburg ने अडानी समूह पर शेयरों में हेराफेरी और ऑडिटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया था। इस रिपोर्ट के सामने आते ही अडानी समूह के शेयर औंधे मुंह गिर गए थे। न सिर्फ इतना बल्कि गौतम अडानी को रैंकिग और निजी संपत्ति के मामले में भी गहरा नुकसान हुआ था।
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