नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एक बार फिर 40 दिन की पैरोल पर रिहा हुआ डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह, ऐसा चार साल में 14वीं बार है जब वो पैरोल पर जेल से बाहर आया है। हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम भारी पुलिस सुरक्षा के बीच वह सिरसा डेरे के लिए रवाना हो गया है। इससे पहले 9 अप्रैल को भी 21 दिन की फरलो पर बाहर था।
बता दें, राम रहीम हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में कारावास की सजा भुगत रहा है। चार साल में ही यह 14वीं बार है जब वह फरलो पर जेल से बाहर आया है। इस बार उसे 40 दिन की पैरोल मिली है, भारी पुलिस सुरक्षा के बीच वह सिरसा डेरे के लिए रवाना हो गया है। इससे पहले 9 अप्रैल को गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली थी, 29 अप्रैल को डेरा सच्चा सौदा के स्थापना दिवस से 20 दिन पहले ही उसे जेल से बाहर भेज दिया गया था। गुरमीत राम रहीम 5 अगस्त को पैरोल पर जेल से बाहर आया है, अब वो 14 सितंबर को जेल की बैरक में वापस लौटेगा। इसमें जमानत के शर्तो के अनुसार, इस दौरान वह अपने सिरसा स्थित आश्रम में रहेगा। इसके साथ ही 1 जनवरी से 14 सितंबर तक पिछले चार महीनों के पीरियड में 91 दिन जेल से बाहर रहेगा। इससे पहले अप्रैल में राज्य सरकार ने राम रहीम को 21 दिन के लिए फरलो पर रिहा किया था।
चुनाव के दौरान भी गुरमीत राम रहीम आया था बाहर
इससे भी पहले हरियाणा चुनाव के दौरान 30 दिन की पैरोल पर गुरमीत राम रहीम को छोड़ा गया था। यह पैरोल अक्टूबर 2024 में हरियाणा में मतदान से चार दिन पहले दी गई थी । इस तरह पिछले 4 साल में वह 14 बार जेल से बाहर आया है। एक रिर्पोट के अनुसार, अपने अनुयायियों के वोटों को प्रभावित करने की क्षमता के चलते राम रहीम को 2 दशक तक पंजाब और हरियाणा के राजनीतिक नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। दरअसल, राम रहीम के लिए पैरोल पर बाहर आना कोई नई बात नहीं है, इससे पहले भी जो पैरोल पर जेल से बाहर आते रहे हैं। राम रहीम इस बार जब जेल से बाहर 15 अगस्त को अपना 58वां जन्मदिन मनाऐगा। इस दौरान पूरे महीने कार्यक्रम होने वाला है। राम रहीम इससे पहले जब 21 दिन की फरलो पर बाहर आ चुका है तब उस दौरान 29 अप्रैल को डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस था। साथ ही इससे पहले फरवरी के महीने में दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच भी राम रहीम 30 दिन के लिए पैरोल पर बाहर आया था।
25 अगस्त 2017 से गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में सजा काट रहा है, पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को साध्वियों से बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया था। कुल मिलाकर 20-20 साल के कारावास की दो सजाएं सुनाईं है। 2019 में और तीन अन्य को 16 साल पहले पत्रकार हत्याकांड के लिए के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जिससे अब वो वर्तमान में बलात्कार और एक पत्रकार की हत्या के मामले में सजा काट रहा है। राम रहीम चंडीगढ़ से 250 किलोमीटर दूर रोहतक की हाई सिक्योरिटी सुनारिया जेल में बंद है। इससे पहले हाई कोर्ट ने राम रहीम की अपनी दत्तक बेटियों की शादी में शामिल होने वाली याचिका खारिज कर दी थी।





