पटना, 8 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन को लेकर राज्य में सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक भले ही सवाल उठाते हों, लेकिन राजस्थान सरकार को बिहार का शराबबंदी कानून पसंद आ रहा है। राज्य में लागू पूर्ण शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन के अध्ययन को लेकर राजस्थान का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार आबकारी एवं मद्य संयम नीति के प्रावधानों के तहत शराबबंदी की मांग से जुड़े व्यावहारिक पहलूओं पर अध्ययन हेतु एक अध्ययन दल बिहार दौरे पर आया है। इस दल में आबकारी विभाग द्वारा गठित समिति के विभागीय अधिकारी विजय जोशी तथा शराबबंदी आंदोलन एवं संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा पूजा भारती छाबड़ा सहित तीन प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल अपने दौरे के दौरान बिहार राज्य में लागू शराबबंदी के विभिन्न पहलूओं पर विस्तृत विचार विमर्श एवं अध्ययन कर जानकारी लेगी। यह अध्ययन दल बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत राज्य में लागू शराब एवं मादक द्रव्य के पूर्ण प्रतिबंध के सफल क्रियान्वयन का अध्ययन करेगी। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अध्ययन दल को पूरा सहयोग दें और राज्य में पूर्ण शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें। उल्लेखनीय है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसमें किसी भी तरह की शराब बिक्री और शराब सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है। हालांकि बिहार में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन को लेकर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष सवाल उठाता रहा है। –आईएएनएस एमएनपी/एएनएम





