नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 144 साल के संयोग के बाद महाकुंभ मेले का आयोजन किया गया था। ये मेला 45 दिनों तक चला। 26 फरवरी को मेले का समापन हुआ। इस दौरान देश-दुनिया के कोने-कोने से करोड़ों लोग, संत-भक्त और श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। फिल्म जगत से लेकर कई राजनेता और क्रिकेट से जुड़ी महान हस्तियों ने इस महाकुंभ के दर्शन कर आस्था की डुबकी लगाई। लेकिन इस बीच कई राजनीतिक दलों ने मेले की व्यवस्था को लेकर या फिर आस्था को लेकर सवाल किया। वहीं, अब इस कड़ी में महाराष्ट्र के MNS अध्यक्ष राज ठाकरे कुंभ स्नान करने वालों पर पर एक विवादित बयान दिया है।
महाकुंभ में स्नान करना अंधविश्वास
महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख और अध्यक्ष राज ठाकरे ने महाकुंभ में स्नान करने वालों को लेकर विवादित बयान दिया है। यह बयान उन्होने पुणे में संगठन के 19वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में पिंपरी चिंचवड़ में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान दिया है। उन्होंने महाकुंभ गंगा में स्नान करना अंधविश्वास बताया है।
‘मैं उस गंगा के गंदे पानी को भी नहीं छूऊंगा’
मनसे के चीफ राज ठाकरे पुणे में संगठन के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पिंपरी चिंचवड़ में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होने कहा कि, महाकुंभ गंगा में स्नान करना अंधविश्वास है। और कहा कि मैं उस गंगा के गंदे पानी को भी नहीं छूऊंगा जहां करोड़ों लोगों ने स्नान किया है। लोगों को अंधविश्वास से बाहर निकलना चाहिए।
दरअसल, राज ठाकरे महाराष्ट्र के पुणे में अपनी पार्टी मनसे के 19वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में पिंपरी चिंचवड़ में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने लोगों को अंधविश्वास से बाहर निकलने की अपील तक कर डाली। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कुंभ मेले में अमृत स्नान करने वालों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि, मैं उस गंगा के गंदे पानी को नहीं छूउंगा जहां करोड़ों नहाए हैं। उन्होंने कहा, “बाला नांदगांवकर वहां का पानी लेकर आए, मैंने कहा मैं नहीं पियूंगा।”





