नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। रेल मंत्रालय रेलवे स्टेशनों का तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन कराकर प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थित स्टेशनों को विकसित करने की योजना बनाई है। रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि रेल मंत्रालय विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से रेलवे स्टेशनों का तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन कर रहा है। इन व्यवहार्यता अध्ययनों के परिणामों के आधार पर, स्टेशनों को चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है, विशेष रूप से प्रमुख शहरों और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में स्थित स्टेशनों को पुनर्वाविकसित किया जायेगा। पश्चिम रेलवे के तहत गांधीनगर राजधानी (गुजरात) और पश्चिम मध्य रेलवे के तहत रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (मध्य प्रदेश) को चालू किया गया है। दक्षिण पश्चिम रेलवे के अंतर्गत सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (बेंगलुरु) चालू होने के लिए तैयार है। एक विकसित स्टेशन में प्रस्तावित सुविधाओं में स्टेशन परिसर में भीड़-भाड़ मुक्त गैर-विरोधी प्रवेश व निकास, यात्रियों के आगमन व प्रस्थान को अलग करना, भीड़-भाड़ के बिना पर्याप्त भीड़भाड़, शहर के दोनों किनारों और परिवहन प्रणालियों के अन्य साधनों के साथ एकीकरण शामिल हैं। इसमें बस, मेट्रो आदि, जहां भी संभव हो, उपयोगकर्ता के अनुकूल अंतरराष्ट्रीय साइनेज, अच्छी तरह से प्रकाशित परिसंचारी क्षेत्र और ड्रॉप-ऑफ, पिक-अप और पाकिर्ंग आदि के लिए पर्याप्त प्रावधान। इस पैमाने पर रेलवे स्टेशनों का विकास अपनी तरह का पहला और जटिल प्रकृति का है। और विस्तृत तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन और शहरी व स्थानीय निकायों आदि से विभिन्न वैधानिक मंजूरी की आवश्यकता है। –आईएएनएस पीटीके/एएनएम





