नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 25,752 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद बंगाल में 25,752 शिक्षकों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ रही है। इस मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है।
राहुल गांधी ने लेटर में क्या लिखा
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कोर्ट के बंगाल के शिक्षक भर्ती रद्द करने के आदेश के बाद राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से राहुल ने राष्ट्रपति को बंगाल में नौकरी गंवाने मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होने सोशल मीडिया के अपने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मैंने भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के हज़ारों योग्य शिक्षकों के मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
उन्होने आगे लिखा कि, जिन्हें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को न्यायपालिका द्वारा रद्द किए जाने के बाद अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी हैं।” उन्होंने लिखा, “मैंने उनसे निवेदन किया है कि वे सरकार से अपील करें कि जो उम्मीदवार निष्पक्ष प्रक्रिया से चयनित हुए थे, उन्हें अपनी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी जाए।”
सीएम ममता ने शिक्षकों को दिया मदद का भरोसा
बीते दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के 25,000 से अधिक बर्खास्त शिक्षकों से मिलने पहुंची थी। यह मुलाकात सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें 2016 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इस भर्ती की सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। ममता ने इस मामले को “शिक्षा प्रणाली को नष्ट करने की साजिश” करार दिया और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।





