नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को बड़ा तोहफा दिया है। मंत्रियों और उप मंत्रियों के वेतन और भत्तों में भारी बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई।
मंत्रियों का वेतन 15 हज़ार रुपये बढ़ा
राज्य मंत्री और उप मंत्री को अब पहले से ज्यादा वेतन मिलेगा। पहले उन्हें 50,000 प्रति महीने वेतन मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 65,000 कर दिया गया है। मंत्रियों को मिलने वाला क्षेत्रीय भत्ता 55,000 से बढ़ाकर 70,000 कर दिया गया है। साथ ही, दैनिक भत्ता भी 3,000 से बढ़ाकर 3,500 कर दिया गया है, जिससे उनके रोजमर्रा के खर्चों में आसानी होगी। राज्य मंत्री को अब 24,000 की जगह 29,500 आतिथ्य भत्ता मिलेगा, जबकि उप मंत्री को 23,500 की जगह 29,000 मिलेंगे। इससे वे अपने मेहमानों की बेहतर तरीके से मेजबानी कर सकेंगे।
यात्रा भत्ता ₹15 से बढ़कर ₹25 प्रति किलोमीटर
सरकारी कार्यों के लिए यात्रा करने पर अब मंत्रियों को ₹25 प्रति किलोमीटर मिलेगा, जो पहले ₹15 प्रति किलोमीटर था। इससे उन्हें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने में सहूलियत होगी। मंगलवार को हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें कृषि विभाग में 2590 नए पदों की स्वीकृति और मद्य निषेध विभाग में 48 पदों की मंजूरी शामिल है। साथ ही, सभी राजस्व न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा के लिए 38 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
सरकार का तर्क – बेहतर वेतन से बेहतर काम
सरकार का कहना है कि मंत्रियों को अगर अच्छा वेतन और भत्ता मिलेगा तो वे और अच्छे से काम कर पाएंगे। इससे शासन व्यवस्था बेहतर होगी और राज्य के विकास में तेजी आएगी। चुनावी साल में इस फैसले को कई लोग राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम जरूरी था ताकि मंत्रीगण अपने कार्यों को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकें।




