नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुजरात में पार्टी को फिर से खड़ा करने की कोशिशों में जुटे हैं। बीते सात महीनों में वह पांच बार गुजरात जा चुके हैं और अब 18 सितंबर को एक बार फिर पहुंचने वाले हैं। इस बार उनका मकसद कांग्रेस पदाधिकारियों की ट्रेनिंग का अगला चरण लेना है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया कैंप का उद्घाटन
गुजरात कांग्रेस के शहर और जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसका उद्घाटन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को बीजेपी से मुकाबले के लिए रणनीति सिखाई। राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति में मनोबल ऊंचा रखने के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस भी जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि अनुशासन और फिटनेस से ही लंबी लड़ाई जीती जा सकती है। राहुल गांधी खुद आइकिडो मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट रखते हैं। कैंप के दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को सेल्फ डिफेंस के गुर भी सिखाए। उनका मानना है कि कार्यकर्ता मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहेंगे तो ही बीजेपी जैसी मजबूत मशीनरी का मुकाबला कर पाएंगे।
18 सितंबर को होगा पॉलिटिकल टेस्ट
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को होमवर्क दिया है। उन्होंने कहा है कि अगली बैठक में इन सवालों के जवाब देने होंगे बूथ स्तर पर संगठन को कैसे मजबूत किया जा सकता है? वोट चोरी की कोशिशों को रोकने के लिए क्या रणनीति बनेगी? कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संभालने की योजना क्या होगी?
बीजेपी की बूथ रणनीति से मुकाबला कैसे होगा?
राहुल गांधी का कहना है, बूथ जीतोगे तो चुनाव जीतोगे राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि वे गुजरात में भी बिहार की तरह एक राजनीतिक यात्रा करेंगे। इस यात्रा में हर विधानसभा क्षेत्र को कवर किया जाएगा। रोडमैप अगले महीने तक फाइनल होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि यात्रा के दौरान वे जिला अध्यक्षों के घर भोजन करेंगे और उनके साथ ज्यादा समय बिताएंगे। राहुल गांधी ने पदाधिकारियों को समझाया कि बीजेपी गुजरात में बूथ स्तर की मजबूती के कारण खड़ी हुई और आगे बढ़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी हमेशा बूथ स्तर पर फोकस करने की बात करते हैं। कांग्रेस भी अगर यही रणनीति अपनाती है तो जीत संभव है। राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया है, राजनीतिक रूप से मजबूत होने के लिए फिट, अनुशासित और बूथ स्तर तक सक्रिय होना जरूरी है।





