नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपनी एकजुटता का बड़ा संदेश देने की तैयारी कर रहा है। इस बार BJP और जनता दल (यूनाइटेड) अलग-अलग घोषणापत्र जारी करने की बजाय पहली बार एक जॉइंट मेनिफेस्टो पेश करेंगे।
2020 में थे अलग-अलग घोषणापत्र
पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में बीजेपी और जेडीयू ने भले ही गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों पार्टियों ने अपना-अपना घोषणापत्र जारी किया था। बीजेपी ने 22 अक्टूबर 2020 को संकल्प पत्र जारी कर मुफ्त कोविड टीकाकरण, 19 लाख रोजगार और महिलाओं को 33% आरक्षण जैसे वादे किए थे। अगले ही दिन जेडीयू ने सात निश्चय योजना पार्ट-2 का ऐलान किया था, जिसमें पानी, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया था। इस बार रणनीति बदली गई है और दोनों दलों ने मिलकर एक ही दस्तावेज लाने पर सहमति जताई है।
विकसित भारत के लिए ”विकसित बिहार” होगी थीम
सूत्रों के मुताबिक, एनडीए का साझा घोषणापत्र विकसित भारत के लिए विकसित बिहार थीम पर आधारित होगा। इसमें खास तौर पर इन मुद्दों पर फोकस रहेगा युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा, निवेश आकर्षित करने की नीतियां, महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं और प्रोत्साहन बुनियादी ढांचे का विकास पंचायत चुनावों में महिलाओं का आरक्षण और सामाजिक कल्याण योजनाएं हैं।
गठबंधन में पांच दल शामिल
NDA इस समय पांच दलों के साथ चुनावी मैदान में है भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति मंच (RLM) चुनावी रणनीति में भी बदलाव बीजेपी इस बार पारंपरिक चुनाव प्रभारी की नियुक्ति से बच रही है। इसकी बजाय सभी सहयोगी दलों के नेताओं को शामिल करते हुए एक चुनाव प्रबंधन समिति बनाई जाएगी। इसका मकसद है कि गठबंधन में तालमेल मजबूत रहे और सभी दल बराबरी से चुनावी अभियान में हिस्सेदारी निभाएं। बिहार NDA इस बार न सिर्फ एकजुटता दिखाने बल्कि मतदाताओं को एक ही विजन डॉक्यूमेंट के जरिए भरोसा दिलाने की तैयारी में है।




