नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे पुलिस ने पॉर्शे केस में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस ने खुलासा किया है कि जो आरोपी लड़का गाड़ी चला रहा था, उसके अलावा गाड़ी में मौजूद और लोगों ने भी शराब पी रखी थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी के माता-पिता और भाई भी नशे की हालत में थे।
ब्लड सैंपल बदलने के लिए दी गई रिश्वत
पुलिस ने बताया कि सासून अस्पताल के डॉक्टरों को आरोपी के ब्लड सैंपल्स को उनके ब्लड सैंपल्स से बदलने के लिए रिश्वत दी गई। पुलिस ने बताया कि यह आरोपी लड़के को बचाने का प्रयास था। इस समय आरोपी के माता-पिता और भाई भी नशे की हालत में थे।
पुलिस ने बताया क्या था प्लैन
पुलिस ने बताया कि यह प्लैन था कि आरोपी लड़के के सैंपल्स उसके पिता और भाई के सैंपल्स से बदल दिए जाएं। लेकिन उन दोनों के नशे में होने के कारण मां का सेंपल लिया गया जो तब से गिरफ्तार है। इससे पहले मां जब वीडिये मेसेज में आई तो दावा किया कि वह वीडियो जो उसके बेटे से जुड़ा है वो झूठा है। उसने पुलिस से अपने बेटे को बचाने के लिए कहा और कैमरा पर रोने लगी।
खड़ा नहीं हो पा रहा था आरोपी
चश्मदीदों ने बताया कि आरोपी लड़का इतने नशे की हालत में था कि वो खड़ा नहीं हो पा रहा था। लेकिन जब प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल की गई तो उसमें खून में शराब की मात्रा की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद अस्पताल के 2 डॉक्टरों, डॉक्टर अजय तवारे और श्री हरि हलनोर को ब्लड सैंपल में अदला-बदली करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इनके अलावा हॉस्टल के कर्मचारी अतुल घटकांबले को भी हिरासत में लिया गया है।
इससे पहले इस केस में 25 जून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया था। बॉम्बे हाई कोर्ट इस दुर्घटना में किशोर आरोपी को बाल सुधार गृह से रिहा करने का आदेश जारी दिया था। हाइकोर्ट ने नाबालिग आरोपी को जमानत भी दे दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश कहा था कि नाबालिग आरोपी को उसकी बुआ के पास रहना होगा।




