नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद बीजेपी ने एनडीए के सहयोगी दलों के समर्थन के बाद अपनी सरकार बना ली है। नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री चुना गया है। नरेंद्र मोदी के साथ ही एनडीए के 71 लोकसभा सांसदों ने मंत्री की शपथ ली। मोदी सरकार ने सभी मंत्रियों को मंत्रालय और विभागों का बंटवारा भी कर दिया है। अब सभी की नजरें 18वीं लोकसभा के स्पीकर पर टिकी हुई है। सभी जानना चाहते हैं कि कौन होगा लोकसभा स्पीकर? अब सभी को सिर्फ 26 जून तक इस सवाल के जवाब का इंतजार करना होगा। क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
लोकसभा स्पीकर का पद काफी महत्वपूर्ण होता है
लोकसभा स्पीकर का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। जिस हिसाब से अभी लोकसभा में सीटों की संख्या है, उसके अनुसार लोकसभा अध्यक्ष का पद काफी अहम हो गया है। इस बार एनडीए के दो सहयोगी दल जदयू और टीडीपी सरकार बनाने में किंगमेकर बनकर सामने आयी है। इसलिए इन दोनों दलों में से किसी एक नेता का नाम लोकसभा अध्यक्ष के लिए दिया जा सकता है। इसमें से टीडीपी के नेता का लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए समर्थन होने की ज्यादा संभावना है। क्योंकि विपक्षी दल इंडिया गठबंधन का कहना है कि अगर लोकसभा अध्यक्ष का पद टीडीपी को दिया जाता है तो वो भी टीडीपी का समर्थन करेंगे।
इस बार ओम बिरला को मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है
इस बार ओम बिरला को मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है, जिससे इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ओम बिरला को फिर से लोकसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं आंध्र प्रदेश में दग्गुबती पुरंदेश्वरी की लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए खूब चर्चा हो रही है। वह आंध्र प्रदेश में बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्हें टीडीपी चंद्रबाबू नायडू का करीबी बताया जा रहा है।
दग्गुबती पुरंदेश्वरी को दक्षिण की सुषमा स्वराज के नाम से भी जाना जाता है
दग्गुबती पुरंदेश्वरी आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और अभिनेता रहे एनटी रामाराव की दूसरे नंबर की बेटी हैं। दग्गुबती पुरंदेश्वरी का जन्म 22 जनवरी 1959 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। दग्गुबती पुरंदेश्वरी को दक्षिण की सुषमा स्वराज के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अपनी स्नातक पूरा करने के बाद जेमोलॉजी में डिप्लोमा भी हासिल किया है। जिसके बाद दग्गुबती पुरंदेश्वरी ने वर्ष 1997 में हैदराबाद इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी की स्थापना की थी।
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