नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रयागराज महाकुंभ में महाशिवरात्रि के अवसर पर अंतिम स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 6 सीनियर IPS अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर
बुधवार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन संगम में लाखों श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। महाकुंभ में अब तक हर दिन लाखों लोग पहुंच रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर काफी दबाव बना हुआ है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि यातायात में कोई बाधा न आए, वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी है।
बड़े अधिकारियों को सौंपी गई ट्रैफिक की जिम्मेदारी
ट्रैफिक प्रबंधन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो अलग-अलग मार्गों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ADG PAC सुजीत पांडे – प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग की व्यवस्था देखेंगे।
IG चंद्र प्रकाश – प्रयागराज-वाराणसी मार्ग के ट्रैफिक का प्रबंधन करेंगे।
IG प्रीतिंदर सिंह – प्रयागराज-रीवा राजमार्ग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
IG राजेश मोदक – प्रयागराज के शहरी क्षेत्र के ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगे।
IG मंजिल सैनी – लखनऊ, अयोध्या और प्रतापगढ़ रूट के ट्रैफिक की निगरानी करेंगी।
प्रयागराज में नो व्हीकल जोन घोषित
भीषण जाम की समस्या से बचने के लिए प्रशासन ने प्रयागराज और उसके आसपास के क्षेत्रों में “नो व्हीकल जोन” घोषित कर दिया है। विशेष रूप से संगम और मुख्य स्नान घाटों के आसपास किसी भी प्रकार के वाहनों की अनुमति नहीं होगी। आमतौर पर माघ पूर्णिमा के बाद महाकुंभ में भीड़ कम हो जाती है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह पहले से कहीं ज्यादा नजर आ रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। ट्रैफिक प्रबंधन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैनात हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।





