back to top
27.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बिहार चुनाव में हार के बाद प्रियंका गांधी से मिले प्रशांत किशोर, गुपचुप बैठक ने बढ़ाई सियासी हलचल

बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से उनकी गुपचुप मुलाकात।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से उनकी गुपचुप मुलाकात। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। हालांकि, दोनों पक्षों ने इसे सामान्य मुलाकात बताया है, लेकिन इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब बिहार चुनाव में जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पार्टी ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। इतना ही नहीं, 236 उम्मीदवारों की जमानत तक ज़ब्त हो गई। दूसरी ओर कांग्रेस की हालत भी बेहतर नहीं रही। कांग्रेस 61 सीटों पर लड़ी थी, लेकिन सिर्फ 6 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी।

क्यों अहम मानी जा रही है यह मुलाकात?

प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के रिश्ते पहले से रहे हैं। साल 2021 में जेडीयू से अलग होने के बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने पार्टी को मजबूत करने का एक पूरा प्लान रखा था। अप्रैल 2022 में सोनिया गांधी के घर हुई बैठक में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल थे। उस वक्त किशोर कांग्रेस में शामिल होने को तैयार थे, लेकिन उन्हें सीमित भूमिका देने की पेशकश हुई, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसके बाद प्रशांत किशोर कांग्रेस के आलोचक बनते चले गए। बिहार चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी की रणनीति पर भी सवाल उठाए थे। ऐसे में चुनावी नतीजों के बाद प्रियंका गांधी से उनकी मुलाकात ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैठक में क्या हुई चर्चा?

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में बिहार की राजनीति, विपक्ष की कमजोरियां और भविष्य की रणनीति पर बातचीत हुई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह बातचीत किसी राजनीतिक गठबंधन या औपचारिक सहयोग तक पहुंचेगी या नहीं। फिलहाल कांग्रेस और प्रशांत किशोर दोनों ही इसे शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हैं। लेकिन राजनीति में ऐसे संयोग कम और संकेत ज्यादा मायने रखते हैं। बिहार में बुरी तरह असफल होने के बाद प्रशांत किशोर का प्रियंका गांधी से मिलना यह दिखाता है कि वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

असम चुनाव के लिए कांग्रेस ने 30 सीटों पर तय किए उम्मीदवार, गौरव गोगोई जोरहाट से लड़ सकते हैं चुनाव

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक...
spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...