नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस से अलग हुए नेता संजय निरुपम ने शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत पर तीखा हमला बोला है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की तलवारें पहले से तेज हो गई हैं, जिससे राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां और तनावपूर्ण होती नजर आ रही हैं।
संजय निरुपम ने कहा कि राउत जैसे नेताओं के कारण ही शिवसेना (UBT) का अस्तित्व कमजोर हुआ है। उनके इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीतिक गरमाहट को और बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच सियासी तनाव और गहरा होता दिख रहा है।
राहुल गांधी ‘फेक वोट’ नैरेटिव तैयार कर रहे- संजय निरुपम
संजय निरुपम ने हालिया बयान में आरोप लगाया कि राहुल गांधी पिछले महीनों से ‘वोट चोरी’ का झूठा नैरेटिव तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस मतदाताओं के मन में फर्जी सवाल पैदा कर रही है और अब महाराष्ट्र का विपक्ष भी उसी जाल में फंसता नजर आ रहा है।
संजय निरुपम ने कहा कि, मतदाता सूची में नाम, जेंडर या पते जैसी तकनीकी त्रुटियां हो सकती हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सत्ताधारी दल को इससे कोई लाभ हो रहा है। उनका कहना है कि इस तरह के दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
आदित्य ठाकरे पर तीखा हमला
संजय निरुपम ने ठाकरे परिवार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे ‘प्रेज़ेंटेशन’ के साथ फेक वोटर्स की सूची उजागर करने निकले हैं, जबकि यह वास्तव में केवल तकनीकी गलती का मामला है।
कांग्रेस वोटर्स को गुमराह कर रही – संजय निरुपम
संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस ने पहले 72 लाख, फिर 52 लाख और अब 30 लाख फेक वोट का दावा किया, यानी उनके आंकड़े खुद ही घटते गए। उनका कहना है कि विपक्ष अपनी हार स्वीकार नहीं कर पा रहा है। मतदाता सूची में त्रुटियां सुधारी जा सकती हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को फर्जी कहना जनता को गुमराह करना है।
‘SIR प्रक्रिया’ लागू करना अच्छी पहल- संजय निरुपम
संजय निरुपम ने कहा कि देश के 12 राज्यों में ‘SIR प्रक्रिया’ लागू की जा रही है ताकि मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और सटीक हो सके। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अक्टूबर 2024 के बीच महाराष्ट्र में करीब 1.98 लाख नए वोटर जुड़े हैं, यानी हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 4-5 हजार नए मतदाता शामिल हुए हैं।
शिवसेना के 10 विधायक कैसे सफल ?
शिवसेना शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने सवाल उठाया कि अगर सत्ता पक्ष ने कोई षड्यंत्र किया था, तो आदित्य ठाकरे खुद कैसे जीत गए और शिवसेना (UBT) के 10 विधायक कैसे सफल हुए? उन्होंने चुनौती दी कि अगर विपक्ष को सच में आपत्ति है, तो उनके विधायक इस्तीफा दें और नई मतदाता सूची बनने तक चुनाव न लड़ें।
संजय राउत पर अपशब्दों का इस्तेमाल
राजनीतिक विवादों के बीच संजय निरुपम ने सीधे संजय राउत पर हमला बोलते हुए कहा, “संजय राउत एक *#*&* इंसान हैं। ऐसे नेताओं की वजह से पार्टी का अस्तित्व कमजोर हुआ है।
वह महाराष्ट्र के सबसे नापसंद नेता हैं।” उनके इस बयान ने राजनीतिक मर्यादाओं पर बहस छेड़ दी है और राज्य की सियासत अब केवल विचारों की नहीं, अपशब्दों की जंग में भी बदलती दिख रही है।





