नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुजरात पुलिस ने एक ऐसे अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ में दरारें दिखाई देने का दावा किया था। आरोपी ने अपने एक्स पोस्ट पर एक फोटो शेयर करते हुए कहा था कि गुजरात में Statue of Unity पर दरारें दिखाई दे रही हैं और यह कभी भी गिर सकती है। इसकी जानकारी एक अधिकारी ने मंगलवार को दी। बता दें कि, स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि के रूप में नर्मदा जिले के केवड़िया में 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का निर्माण कराया गया है। यह प्रतिमा एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण का केंद्र है।
RaGa4India नामक हैंडल ने किया था पोस्ट
8 सितंबर की सुबह 9.52 बजे “RaGa4India” हैंडल पर हिंदी में लिखी गई एक पोस्ट में कहा गया कि सरदार पटेल की मूर्ति कभी भी गिर सकती है क्योंकि इसमें दरारें दिखाई देने लगी हैं। पोस्ट में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की एक पुरानी तस्वीर भी है, जो निर्माण के समय की लग रही है। हालांकि पोस्ट को अब डिलीट कर दिया गया है।
BNS की धारा 353(1) के तहत मामला दर्ज
इस संबंध में अधिकारी ने कहा कि लोगों में भय या चिंता पैदा करने के लिए कोई भी बयान, झूठी सूचना, अफवाह या रिपोर्ट आदि बनाने या प्रकाशित करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (1) में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि Statue of Unity क्षेत्र विकास एवं पर्यटन प्रकाशन प्राधिकरण की यूनिट-1 के डिप्टी कलेक्टर अभिषेक रंजन सिन्हा की शिकायत पर केस दर्ज किया है। FIR में बताया गया है कि ऐसी झूठी खबरें फैलाकर लोगों में भय व शांति भंग करने का प्रयास किया गया है।
3 हजार करोड़ रुपये में बना था स्मारक
बता दें कि, स्टैट्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित कर एक स्मारक बनाया गया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के गुजरात स्टेट में स्थित है। इस स्मारक का शिलान्यास गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को किया था। यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर नर्मदा जिले में स्थित है। सरदार पटेल की यह मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है। जिसकी लंबाई 182 मीटर है। इसको बनाने में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये लगा है।





