नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पीएम मोदी ने उड़ीसा के भुवनेश्वर में सुभद्रा स्कीम के शुभारंभ के दौरान संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैंने गणेश पूजन में हिस्सा लिया तो इकोसिस्टम के लोगों को दिक्कत हो गई। उन्होंने कहा कि गणेश पूजने में हिस्सा लिया तो कुछ लोगों को परेशानी हो गई। हमें ऐसे लोगों को ही रोकना है। पीएम मोदी ने कहा कि समाज के बांटने वालों को ही गणेश पूजन से परेशानी हो रही है।
PM Modi का ओड़िसा में गणपति पूजा विवाद को लेकर कहना
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर सुभद्रा स्किम का शुभारंभ करने भुवनेश्वर गए थे। शुभारंभ करने के बाद PM मोदी ने अपना भाषण दिया। जिसमें उन्होंने जस्टिस CJI Chandrachud के घर पर गणेश पूजन का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि आज भी जो लोग समाज को बांटना चाहते हैं। उन्हें गणेश उत्सव से दिक्कत है। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उस तंत्र को मेरे गणेश पूजा में हिस्सा लेने से दिक्कत है।
PM मोदी का मानना है कि गणेश चतुर्थी उनके व देश के लिए सिर्फ आस्था का विषय नहीं बल्कि इस पर्व ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। PM मोदी ने यह भी कहा कि आज भी पूरा समाज एकजुट होकर गणेश पूजा में शामिल होते हैं और आज भी कुछ लोग इसलिए भड़के हुए हैं क्योकि उन्होंने गणपति पूजा में हिस्सा लिया।
क्या है पूरा मामला?
पिछले सप्ताह PM मोदी भारत के Chief Justice Of India चंद्रचूड़ के आवास पर जाकर गणपति पूजा करने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इस यात्रा पर विपक्ष के साथ-साथ आम जनता की ओर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं थी। शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि इस यात्रा के बाद, यह संदेह है कि शिवसेना मामले में न्याय होगा या नहीं।
राउत ने कहा था कि यदि संविधान का संरक्षक राजनेताओं से मिलता है तो इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो सकता है।
शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा कि सीजेआई को उनके मामले से खुद को दूर रखना चाहिए क्योंकि दूसरे राजनीति दल के साथ उनके संबंध खुले तौर पर दिखाई दे रहे है। साथ ही उन्होनें सवाल किया कि क्या सीजेआई चंद्रचूड़ ऐसी स्थिति में हमें न्याय दे पाएंगे?
आप नेता संजय सिंह ने लगाया था ये आरोप
AAP नेता संजय सिंह ने BJP पर आरोप लगाया कि वे पूजा का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है।
सोशल मीडिया पर लोगो ने PM मोदी को ट्रोल किया और उनकी निंदा करते हुए कहा किा एक कार्यशील लोकतंत्र में कार्यपालिका और न्यायपालिका को दूरी बनाए रखनी चाहिए।
बीजेपी ने विपक्ष पर लगाया ये आरोप
BJP ने खुद को बचाने के संदर्भ में कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका द्वारा भारत में करोड़ों भक्तों का भगवान के समझ पूजा करना भारतीय धर्मनिरेपेक्षता को दर्शाता है। BJP ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए पूछा कि इफ्तार में pm मोदी की उपस्थिति को प्रोत्साहित करने वालों की हिम्मत कैसे बढ़ गई जो उन्होंने प्रधानमंभत्री मोदी को मुख्य न्यायधीश चंद्रचूड़ के आवास पर गणपति पूजा करते देखा।





